डी-मार्ट के खिलाफ लोगों का गुस्सा, बाज़ार बंद कर बोले व्यापारी बर्बाद हो जाएंगे दुकानदार
बड़ी-बड़ी कंपनियां छोटे शहरों में आकर व्यापार करती है मॉल खोले जाते हैं। जिस वजह से छोटे-छोटे व्यापारियों पर इसका ख़ासा असर पड़ता है। एक तरफ उनकी ग्राहकी प्रभावित होती है तो गरीब मजदूर जैसे लोगों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। यह बात एमपी के विदिशा के व्यापारियों ने कही, दरअसल डी मार्ट के खोले जाने को लेकर इस कदर विरोध किया जा रहा है। की विदिशा बंद का एलान किया गया था। सभी व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखते हुए विरोध दर्ज कराया। इन सभी का साथ किन्नरों ने भी दिया। बड़ी संख्या में विरोध प्रदर्शन में पहुंचे किन्नरों ने डी मार्ट का विरोध करते हुए व्यापारियों के प्रदर्शन को सही ठहराया। इस दौरान आयोजित कार्यक्रम में व्यापारियों ने अपनी बात रखी।
बताया जा रहा है की व्यापारिक संगठन पावर डिस्ट्रीब्यूटर संघ द्वारा पिछले 10 दिनों से लगातार विरोध प्रदर्शन करते हुए डी मार्ट को ना खोले जाने की मांग की जा रही है। इसे व्यापारियों के विरुद्ध बताया गया। इसी को लेकर शुक्रवार को सुबह से बाजार बंद रखने की अपील की गई थी। जिसका असर भी देखने को मिला। लोगों ने व्यापारियों का समर्थन करते हुए अपने-अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। बताया गया की 10 लाख से कम आबादी वाले शहरों में इस प्रकार के मॉल ना खोल जाए।
व्यापार और उद्योग मंडल के प्रदेश अध्यक्ष राजेश जैन ने बताया की बड़ी बड़ी कंपनियां यहां छोटे शहरों में आकर व्यापार कर रही हैं जो उनका व्यापार छीनना ज चाह रही हैं। उनका कहना है की व्यापारियों की वजह से छोटे मजदूर और अन्य लोगों की रोजी रोटी भी जुड़ी हुई है। अगर ऐसा ही चलता रहा तो उन सभी का क्या होगा। वहीं समर्थन करने पहुंचे किन्नरों ने कहा की अगर बड़ी कंपनियां यहां आकर व्यापार करेंगी तो छोटे व्यपारियों के व्यापार पर इसका काफी असर