Sagar- 2 महीने के मासूम के लिए मसीहा बने भूपेंद्र सिंह, इलाज कराने भेजा मुंबई,दिल की है बीमारी
सागर का केवल दो महीने का मासूम बच्चा जिसने कुछ ही दिन पहले इस दुनिया में अपनी आंखें खोली, और अब वही मासूम एक एक सांस के लिए संघर्ष कर रहा है। गरीब माँ-बाप अपने घर के चिराग को बचाने यहां वहां भटक रहे थे। तभी पूर्व गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह उनके लिए मसीहा बने और मासूम को इलाज मुंबई भेजा गया है।
जहां उसका हार्ट का ऑपरेशन होगा। दरअसल सागर के मालथौन क्षेत्र के पाती खेड़ा गांव निवासी 2 महीने के अयांश को जन्म से दिल की बीमारी है पूर्व गृहमंत्री और खुरई विधायक भूपेंद्र सिंह के प्रयासों से मुंबई के एसआरसीसी अस्पताल में उसका इलाज शुरू हो गया है। बताया गया की ज़िंदगी से संघर्ष कर रहे अयांश को ऑक्सीजन सपोर्ट के सहारे उसके माता-पिता बीना, सागर, भोपाल, नागपुर और रायपुर तक की अस्पतालों में भर्ती करा चुके थे। लेकिन केस गंभीर होने की वजह से उसका ऑपरेशन नहीं हो पा रहा था।
पाती खेड़ा निवासी सूरज सिंह राजपूत और तुलसा राजपूत ने रायपुर की अस्पताल से भूपेन्द्र सिंह के कार्यालय में संपर्क कर अपने इकलौते बेटे अयांश की परिस्थिति बताई। जिस पर उन्होंने अयांश के परिजनों से सारी जानकारी ली और उन्हें तुरंत रायपुर से लौटकर सागर बुंदेलखंड मेडीकल कालेज में अयांश को लाने की बात कही। जिस पर बीएमसी में मासूम को भर्ती कर आक्सीजन सपोर्ट पर डाक्टरों की निगरानी में रखा गया।
इसी दौरान पूर्व गृहमंत्री भूपेन्द्र सिंह ने सागर कलेक्टर संदीप जीआर और सीएमएचओ ममता तिमोरी को अवगत कराया। उन्होंने खुद एसआरसीसी अस्पताल मुंबई में संपर्क कर डॉक्टरों से अयांश की मेडीकल हिस्ट्री को कंसल्ट किया। यह अस्पताल राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत बच्चों के हृदयरोग के इलाज के लिए चिन्हित किया गया है। अस्पताल ने ऑपरेशन से अयांश का इलाज करने की सहमति जताई।
भूपेन्द्र सिंह ने कलेक्टर और सीएमएचओ से चर्चा कर सिर्फ एक दिन के अंदर अयांश का मुख्यमंत्री बाल हृदय उपचार योजना में पंजीयन कराया। एयर एंबुलेंस से मासूम को मुंबई भेजना तय किया। लेकिन परिजनों ने सड़क मार्ग से जाने पर जोर दिया। जिसके बाद प्रशासन ने 11 फरवरी को 108 एंबुलेंस से आक्सीजन और टेक्निकल सपोर्ट के साथ परिजनों को मुंबई रवाना किया। और 12 फरवरी की रात उसे मुंबई की अस्पताल में भर्ती किया गया। भूपेंद्र सिंह परिजनों के संपर्क में बने हुए हैं। वहीं भगवान से मासूम के अच्छे स्वास्थ्य की कामना की जा रही है।--------