जंगल के रक्षक ही निकले सागौन माफिया, वनरक्षक के घर से बरामद हुई कीमती सागौन
टाइगर रिजर्व के जंगलों में बेशकीमती पेड़ों की धड़ल्ले से कटाई की जा रही थी। मामले में हैरान कर देने वाला खुलासा हुआ है। सागौन माफिया कोई और नहीं बल्कि जंगल के रखवाले ही निकले हैं। जी हां एमपी के पन्ना टाइगर रिजर्व में वनरक्षक ही अवैध तरीके से सागौन के पेड़ों की कटाई करवाता था। वन विभाग की टीम ने कार्यवाई करते हुए वनरक्षक के घर से बेशकीमती लकड़ी और सिल्लियां जप्त की हैं। साथ ही वन रक्षक समेत दो लोगों पर मामला भी दर्ज किया गया है। यह चौंकाने वाला मामला पन्ना टाइगर रिजर्व से सामने आया है। जहां जंगल की रक्षा करने वाले ही सागौन तस्करी में लिप्त पाए गए हैं। पीटीआर की टीम ने पहले अवैध कटाई करते वनरक्षक और एक सुरक्षा श्रमिक को पकड़ा था। जिसके बाद दूसरी बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी वनरक्षक के घर पर छापा मारा गया। तलाशी के दौरान भारी मात्रा में सागौन की चिरान और अर्द्धनिर्मित फर्नीचर जब्त किया गया। इस मामले में दो अलग-अलग आपराधिक प्रकरण दर्ज कर वनरक्षक को निलंबित कर दिया है। फिलहाल दोनों फरार बताए जा रहे हैं।
मामला बीते 8 फरवरी को उजागर हुआ था। जब पन्ना बफर परिक्षेत्र के बीट छापर में नियमित गश्ती के दौरान वन स्टाफ को सागौन के पेड़ो की अवैध कटाई कर सिल्लियां तैयार किए जाने की खबर लगी। टीम ने तत्काल मौके पर पहुँचकर घेराबंदी की। लेकिन आरोपी जंगल का फायदा उठाकर मौके से भाग निकले।जिनकी पहचान वनरक्षक संतोष प्रजापति और सुरक्षा श्रमिक बिहारी के रूप में हुई। मौके से 7 नग सागौन लकड़ी, कुल 1.526 घन मीटर, जब्त की गई। वन अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर संतोष प्रजापति को निलंबित किया गया। इसके बाद 11 फरवरी को असिस्टेंट डायरेक्टर डीके अहिरवार ने आरोपी संतोष प्रजापति के अजयगढ़ तहसील स्थित बड़ी रूंधी गांव के निवास पर सर्च वारंट के आधार पर छापेमार कार्रवाई की। जहां मौके से 119 नग सागौन चिरान कुल 2.055 घन मीटर बरामद की गई। इस तरह कुल 126 नग, 3.581 घन मीटर इमारती सागौन जब्त की गई। जिसकी अनुमानित कीमत करीब डेढ़ से दो लाख रुपये बताई जा रही है। मामले में दो अलग-अलग आपराधिक प्रकरण दर्ज किए गए हैं। दोनों आरोपियों की तलाश जारी है।
मामले में पन्ना टाइगर रिजर्व के असिस्टेंट डायरेक्टर डी के अहिरवार ने जानकारी दी।