घर के पास लगे इस पेड़ का फूल बनाएगा रोगी और होगी एलर्जी, 6 राज्यों के बाद मध्य प्रदेश में बैन
एलर्जी और सांस संबंधी बीमारियों के बढ़ते मामलों को देखते हुए मध्य प्रदेश सरकार ने शहरी क्षेत्रों में कोनोकार्पस और सप्तपर्णी वृक्षों के लगाने पर रोक लगा दी है. केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति की रिपोर्ट में इन पेड़ों को पर्यावरण और जनस्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक बताया गया है. आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक और असम जैसे राज्यों में पहले ही इन पर प्रतिबंध लगाया जा चुका है. अब मध्य प्रदेश में इन दोनों पेड़ों पर रोक लगाते हुए स्थानीय वृक्ष प्रजातियों को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया गया है.
सागर के बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में छाती एवं श्वास रोग विशेषज्ञ और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष डॉ. तल्हा शाद इस फैसले का खुलकर स्वागत किया है.उनका कहना है कि कोनोकार्पस और सप्तपर्णी के फूलों से निकलने वाले पोलन हवा में बहुत दूर तक फैल जाते हैं. यही पोलन एलर्जी की सबसे बड़ी वजह बनते हैं. बुंदेलखंड क्षेत्र में एलर्जी के मरीज लगातार बढ़ रहे हैं, जिसमें प्रदूषण के साथ-साथ इन पेड़ों की भी बड़ी भूमिका है