सागर- रहली के जूना गांव में पूर्ण शराबबंदी लागू, उल्लंघन पर भारी जुर्माना और सामाजिक बहिष्कार
सागर जिले के रहली विधानसभा के अंतर्गत ग्राम पंचायत जूना ने आज एक ऐतिहासिक और साहसिक फैसला लेते हुए पूरे गांव में पूर्ण शराबबंदी लागू कर दी है। पंचायत भवन में आयोजित विशेष ग्रामसभा में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया कि अब जूना गांव में न तो कोई शराब बेचेगा और न ही कोई शराब का सेवन करेगा। इस निर्णय के बाद गांव में उत्साह और उम्मीद का माहौल देखा जा रहा है। शराब के दुष्प्रभावों से परेशान जूना गांव ने बड़ी पहल की है। पंचायत ने सख्त नियम बनाते हुए शराब पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी है, साथ ही उल्लंघन करने वालों के लिए कड़े दंड का प्रावधान भी तय किया गया है।
ग्राम पंचायत जूना में आयोजित बैठक में सरपंच वीरेंद्र पटेल की अध्यक्षता में ग्रामीणों ने शराबबंदी को लेकर विस्तृत चर्चा की। इसके बाद पंचायत ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया कि गांव में शराब की खरीद-फरोख्त और सेवन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। यदि कोई व्यक्ति इस नियम का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पंचायत ने तय किया है कि अगर कोई व्यक्ति गांव में शराब बेचते हुए पकड़ा जाता है तो उस पर 25,000 रुपये का भारी जुर्माना लगाया जाएगा और उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। वहीं, यदि कोई व्यक्ति शराब पीकर गांव में गाली-गलौज या अभद्र व्यवहार करता पाया गया तो उस पर 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। साथ ही ऐसे व्यक्ति का सामाजिक बहिष्कार भी किया जाएगा, ताकि गांव में अनुशासन बना रहे।
सरपंच वीरेंद्र पटेल ने जानकारी देते हुए बताया कि इस फैसले को सख्ती से लागू करने के लिए गांव में एक निगरानी समिति का गठन कर दिया गया है। यह समिति हर महीने बैठक करेगी और गांव में शराबबंदी से जुड़े मामलों की समीक्षा करेगी। यदि कोई व्यक्ति नियमों का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ आर्थिक दंड तय किया जाएगा।
ग्रामीणों का कहना है कि शराब के कारण गांव में आपसी विवाद, घरेलू हिंसा और आर्थिक समस्याएं बढ़ रही थीं। अब इस फैसले से गांव का माहौल सुधरेगा और सामाजिक सौहार्द बढ़ेगा। महिलाओं और बुजुर्गों ने पंचायत के इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे गांव के भविष्य के लिए बेहतर कदम बताया है। फिलहाल, जूना गांव की यह पहल आसपास के अन्य गांवों के लिए भी मिसाल बन सकती है। अब देखना होगा कि इस फैसले का जमीन पर कितना प्रभाव पड़ता है और प्रशासन इसे किस तरह समर्थन देता है।