सागर- पति-पत्नी और बेटे से कहासुनी करने वाले तीनों दोषियों को 6-6 माह की सजा|SAGAR TV NEWS|
घर के बाहर खड़े पति-पत्नी और बेटे पर हमला करना आरोपियों को भारी पड़ गया। सागर के सानौधा थाना क्षेत्र के चर्चित मारपीट मामले में अदालत ने कड़ा फैसला सुनाते हुए तीनों आरोपियों को दोषी करार दिया और 6-6 महीने के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। यह फैसला पीड़ित परिवार के लिए न्याय की जीत माना जा रहा है। मामला 7 दिसंबर 2023 का है, जब पीड़ित गौरीशंकर अपनी मां सीतारानी के साथ घर के बाहर खड़ा था। तभी पड़ोस की मीनाबाई कुर्मी वहां पहुंची और पुरानी रंजिश को लेकर गाली-गलौज शुरू कर दी। जब सीतारानी ने विरोध किया तो विवाद बढ़ गया। आरोप है कि मीनाबाई ने पत्थर उठाकर सीतारानी पर हमला कर दिया। इसी दौरान उसका बेटा रितिक उर्फ हरिओम डंडा लेकर आया और गौरीशंकर पर टूट पड़ा। कुछ ही देर में मीनाबाई का पति मुकेश भी डंडा लेकर मौके पर पहुंचा और मारपीट में शामिल हो गया।
हालात इतने बिगड़ गए कि जब गौरीशंकर के पिता हल्ले कुर्मी बीच-बचाव करने आए तो मुकेश ने उनके सिर पर डंडे से वार कर दिया। इस हमले में माता-पिता दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत नाजुक होने पर डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए भोपाल के हमीदिया अस्पताल रेफर कर दिया। घटना के बाद पीड़ित ने सानौधा थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच पूरी की और आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया। प्रकरण की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश प्रशांत कुमार सक्सेना की अदालत में हुई। शासन की ओर से अपर लोक अभियोजक दीपक कुमार जैन ने मजबूत पैरवी की और सभी जरूरी साक्ष्य प्रस्तुत किए।
सभी तथ्यों और गवाहों को सुनने के बाद न्यायालय ने मीनाबाई कुर्मी, मुकेश कुर्मी और रितिक उर्फ हरिओम कुर्मी को दोषी ठहराते हुए 6-6 माह के सश्रम कारावास और 2-2 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। अदालत के इस फैसले से पीड़ित परिवार को राहत मिली है, वहीं इलाके में यह संदेश गया है कि कानून अपने हाथ में लेने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।