ऐतिहासिक और आध्यात्मिक आयोजन का साक्षी बना डबरा, भव्य नवग्रह मंदिर बनकर तैयार |SAGAR TV NEWS|
ग्वालियर जिले का डबरा नगर 10 फरवरी को ऐतिहासिक और आध्यात्मिक आयोजन का साक्षी बना। यहां विश्व के पहले भव्य नवग्रह शक्तिपीठ मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह का आयोजन किया जा रहा है। जो आगामी 20 फरवरी तक चलेगा। इस दौरान हैलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा भी की गयी। जिससे यहां का नज़ारा बेहद भव्य नज़र आया। इस मौके पर भव्य शोभायात्रा भी निकाली गयी। सड़कों पर हज़ारों महिलाएं कलश लेकर निकली। इसमें तकरीबन 20 हजार महिलाएं शामिल होने की बात कही गयी। इसके अलावा अन्य साधू संत भी शामिल हुए।
बताया जा रहा है की इस अनूठे मंदिर में नौ ग्रह अपनी-अपनी पत्नियों के साथ विराजमान होंगे। इस विशेष अवधारणा के कारण डबरा नगर को वैश्विक धार्मिक मानचित्र पर एक नई पहचान मिलने की संभावना है। सनातन धर्म और ज्योतिष शास्त्र में नवग्रह का काफी महत्वपूर्ण स्थान माना जाता है। यह नौ ग्रह मनुष्य के जीवन, भाग्य, स्वास्थ्य, कर्मफल और मानसिक स्थिति पर प्रभाव डालते हैं। ऐसी मान्यता है कि ग्रहों की शुभ या अशुभ स्थिति जीवन की दिशा तय करती है।
जानकारी के मुताबिक नवग्रह शक्तिपीठ की प्राण प्रतिष्ठा का महा आयोजन 10 फरवरी से 20 फरवरी तक आयोजित किया जाएगा। 10 फरवरी को स्टेडियम ग्राउंड से भव्य कलश यात्रा निकाली गयी। जो नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई नवग्रह शक्तिपीठ पहुंची। इस यात्रा में हज़ारों महिलाएं शामिल हुई। इसमें देश-विदेश से संतों का आगमन इस विश्वस्तरीय धार्मिक आयोजन में देश के प्रमुख मठों के शांकराचार्य, प्रमुख संत, कथावाचक और आध्यात्मिक विभूतियां शामिल होंगी।
इनमें प्रमुख रूप से पंडित प्रदीप मिश्रा, प्रख्यात कवि कुमार विश्वास, दांती महाराज, पंडोखर धाम के गुरुशरण शर्मा, धूमेश्वर धाम, दंदरौआ धाम, रावतपुरा सरकार समेत कई संत-महात्मा शामिल होंगे।-------- ग्वालियर जिले के डबरा शहर में मप्र का सबसे बडा और अद्धूत नवग्रह मंदिर बनकर तैयार हो गया है। भितरवार रोड स्थित यह मंदिर करीब 13.75 एकड़ में फैला है। मंदिर भवन 45 हजार वर्गफीट में बना है। इसकी ऊंचाई 90 फीट है। कुछ दूर 7 बीघा में नक्षत्र वन भी है। इसे मानव शरीर का ग्रहों से संबंध के अनसार डिजाइन किया गया है।