परीक्षा के बीच पहुंची अस्पताल फिर भी नहीं टूटा हौसला, इलाज के बाद छात्रा ने पूरा किया पेपर
बोर्ड परीक्षा के तनाव के बीच हिम्मत, संवेदनशीलता और तत्परता की एक मिसाल एमपी के सागर संभाग के छतरपुर जिले के बड़ामलहरा में देखने को मिली, जब 12वीं की एक छात्रा की परीक्षा कक्ष में अचानक तबीयत बिगड़ गई, लेकिन समय पर इलाज और अधिकारियों के प्रोत्साहन से उसने हौसला नहीं छोड़ा और दोबारा पेपर देने बैठ गई। यह पूरा घटनाक्रम न केवल प्रशासन की सजगता को दर्शाता है, बल्कि छात्रा की इच्छाशक्ति को भी सलाम करता है। घटना शासकीय बालक एक्सीलेंस स्कूल स्थित परीक्षा केंद्र की है, जहां छात्रा बोर्ड परीक्षा देने पहुंची थी। बताया जा रहा है कि पेपर शुरू होने से ठीक पहले उसे अचानक घबराहट, कमजोरी और चक्कर महसूस होने लगे। देखते ही देखते उसकी हालत बिगड़ने लगी, जिससे परीक्षा कक्ष में मौजूद अन्य छात्राएं और स्टाफ चिंतित हो गए। माहौल में तनाव फैल गया।
हालात को भांपते हुए ड्यूटी पर तैनात परीक्षा अधिकारियों ने बिना देर किए स्वास्थ्य विभाग की टीम को सूचना दी। कुछ ही देर में स्वास्थ्यकर्मी परीक्षा केंद्र पहुंचे और छात्रा का परीक्षा कक्ष में ही प्राथमिक उपचार शुरू किया। चिकित्सकों की तत्परता और सही देखभाल से छात्रा की हालत में जल्द सुधार हुआ, जिससे सभी ने राहत की सांस ली। इसी बीच घटना की जानकारी मिलते ही तहसीलदार विशंभर सिंह मरावी अपने दल-बल के साथ परीक्षा केंद्र पहुंचे। उन्होंने छात्रा से आत्मीयता से बातचीत की, उसका मनोबल बढ़ाया और उसे तनावमुक्त होकर परीक्षा देने के लिए प्रेरित किया। उनकी सकारात्मक बातों और स्वास्थ्य टीम के इलाज ने छात्रा में नया आत्मविश्वास भर दिया।
कुछ समय बाद जब छात्रा पूरी तरह सहज महसूस करने लगी, तो उसने दोबारा उत्तर पुस्तिका उठाई और शांत मन से परीक्षा देना शुरू कर दिया। इस दौरान परीक्षा केंद्र के स्टाफ ने भी पूरी संवेदनशीलता दिखाते हुए व्यवस्था बनाए रखी और छात्रा को हर संभव सहयोग दिया। अभिभावकों और स्थानीय लोगों ने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की इस मानवीय पहल की सराहना की। उनका कहना था कि अगर समय पर मदद न मिलती तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। विशंभर सिंह मरावी, तहसीलदार ने बताया कि छात्रा की तबीयत अचानक बिगड़ी थी, लेकिन समय रहते स्वास्थ्य टीम बुलाकर इलाज कराया गया। अब वह पूरी तरह ठीक है और शांत मन से परीक्षा दे रही है। यह घटना बताती है कि सही समय पर की गई छोटी-सी मदद भी किसी का भविष्य बचा सकती है।