खनिज विभाग सोता रहा… रेत माफिया खेलते रहे, पुलिस का बड़ा प्रहार, 3 ओवरलोड हाइवा जब्त
जब जिम्मेदार महकमा ‘कुंभकर्णी नींद’ में हो, तब अपराधियों के हौसले बुलंद होना तय है। कुछ ऐसा ही नजारा दमोह जिले में देखने को मिल रहा है, जहां खनिज विभाग की संदिग्ध चुप्पी और निष्क्रियता ने रेत माफियाओं को खुली छूट दे रखी है। विभाग की नाक के नीचे से रोजाना दर्जनों ओवरलोड हाइवा धड़ल्ले से दौड़ रहे हैं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर सन्नाटा पसरा हुआ है। ऐसे में अब एमपी के सागर संभाग के दमोह जिले के कोतवाली पुलिस ने मोर्चा संभालते हुए अवैध रेत कारोबारियों के खिलाफ सीधी जंग छेड़ दी है।
रविवार देर शाम कोतवाली पुलिस ने बाईपास रोड पर बड़ी कार्रवाई करते हुए रेत से भरे तीन भारी-भरकम हाइवा को पकड़ लिया। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई, जब खनिज विभाग की कार्यप्रणाली पर पहले से ही सवाल खड़े हो रहे थे। जिन वाहनों को रोकना और जांचना खनिज विभाग की जिम्मेदारी थी, उन्हें आखिरकार पुलिस को अपने कब्जे में लेना पड़ा। चौंकाने वाली बात यह है कि पकड़े गए कुछ ट्रकों पर नंबर प्लेट तक नहीं थी, जो साफ दर्शाता है कि माफिया कानून को खुलेआम चुनौती दे रहे हैं।
बिना दस्तावेजों और ओवरलोड रेत के साथ फर्राटा भरते ये हाइवा न सिर्फ सरकारी राजस्व को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं, बल्कि आम लोगों की जान के लिए भी गंभीर खतरा बने हुए हैं। तेज रफ्तार और ओवरलोडिंग के कारण आए दिन दुर्घटनाओं का अंदेशा बना रहता है। कोतवाली प्रभारी मनीष कुमार ने साफ तौर पर कहा है कि जब्त किए गए वाहनों के दस्तावेजों की सघन जांच जारी है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
हालांकि, इस बीच चर्चा यह भी है कि कुछ हाइवा परिसर से बाहर निकल गए, जिसने पूरी कार्रवाई पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखने वाली बात यह होगी कि यह कार्रवाई अंजाम तक पहुंचती है या फिर हर बार की तरह मिलीभगत का खेल जारी रहता है। फिलहाल पुलिस की सख्ती ने रेत माफियाओं में खलबली मचा दी है, जबकि खनिज विभाग की भूमिका कटघरे में है।