सात समंदर पार से MP तक, फ्रांसीसी दुल्हन शार्लोट ने संदीप संग लिए अग्नि के सात फेरे
प्यार ने सीमाएं तोड़ीं, संस्कृति ने दिल जीता और सात समंदर पार से आई एक विदेशी दुल्हन ने एमपी के सिंगरौली की धरती पर हिंदू रीति-रिवाजों के साथ सात फेरे लेकर नया इतिहास रच दिया। पंचखोरा रोड पर हुई यह शादी पूरे जिले में चर्चा का विषय बन गई है, जहां फ्रांस की शार्लोट ओलानियां ने भारतीय युवक संदीप कुमार सिंह के साथ अग्नि के सात फेरे लिए। यह अनोखी प्रेम कहानी बेल्जियम में शुरू हुई, जहां सिंगरौली के रहने वाले संदीप कुमार सिंह नौकरी करते हैं। वहीं उनकी मुलाकात फ्रांस के ओलां शहर की शार्लोट से हुई। पहले दोस्ती, फिर गहरी समझ और करीब दो साल के रिश्ते के बाद दोनों ने साथ जीवन बिताने का फैसला किया। संदीप की इच्छा थी कि विवाह पूरी तरह भारतीय परंपराओं के अनुसार हो, जिसे शार्लोट ने पूरे सम्मान और उत्साह के साथ स्वीकार किया।
शादी से पहले हल्दी और मेहंदी की रस्मों ने समारोह को रंगीन बना दिया। पारंपरिक पीली हल्दी में सजी शार्लोट और उनके हाथों में रची खूबसूरत मेहंदी हर किसी का ध्यान खींच रही थी। उन्होंने भावुक होकर कहा कि वे बचपन से भारत की संस्कृति से प्रभावित थीं, लेकिन यहां दुल्हन बनना उनके लिए सपने के सच होने जैसा है। इस विवाह में खास बात यह रही कि शार्लोट के परिवार और रिश्तेदारों समेत करीब 25 विदेशी मेहमान फ्रांस से सिंगरौली पहुंचे। रात में पंडितों के वैदिक मंत्रोच्चार के बीच अग्नि के चारों ओर सात फेरे लिए गए। विदेशी मेहमान भारतीय संगीत, भोजन और शादी की भव्यता देखकर मंत्रमुग्ध नजर आए।
संदीप ने बताया कि उनके ससुराल पक्ष के लोग भारतीय संस्कृति से बेहद प्रभावित हैं और इस अनुभव को अविस्मरणीय बता रहे हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक, सिंगरौली में पहली बार किसी विदेशी युवती ने पूरी तरह हिंदू रीति-रिवाज से शादी की है। सजी-धजी फ्रांसीसी दुल्हन और भारतीय दूल्हे की यह जोड़ी अब पूरे जिले में प्रेम, संस्कृति और वैश्विक रिश्तों की मिसाल बन गई है। शादी के बाद दोनों परिवारों ने नवविवाहित जोड़े को सुखद वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद दिया, जबकि शहरवासियों ने इस अनोखे मिलन का दिल से स्वागत किया।