Sagar - डिजिटल हनी ट्रैप में उलझे रेत कारोबारी ने गवाएं 1 करोड़ 26 लाख, रश्मिका नाम की महिला के जाल में फंसा
सागर के केसली में एक बड़े साइबर फ्रॉड का मामला सामने आया है। यहां एक रेत कारोबारी डिजिटल हनीट्रैप और ऊंचे मुनाफे के ऐसे मकड़जाल में उलझा कि वह अप्रैल 2025 से नवंबर 2025 तक ठगों की तिजोरी भरता रहा। रेत कारोबारी ने पहले अपनी जमापूंजी ठगों के बताए बैंक खातों में ट्रांसफर की और इसके बाद रिश्तेदारों और दोस्तों से भी रुपए लिए। इस तरह उसने कुल 1 करोड़ 26 लाख रुपए ठगों के हवाले कर दिए। ठगी का शिकार हुए युवक की शिकायत पर केसली थाना पुलिस ने मुंबई की कथित रश्मिका और उसके साथियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 318 (4) के तहत मामला दर्ज कर विवेचना में लिया है।
फरियादी विपेन्द्र यादव पिता शिवराज यादव उम्र 32 साल निवासी केसली ने पुलिस से की शिकायत में बताया कि ठगी की शुरुआत 15 अप्रैल 2025 को एक वाट्सएप मैसेज से हुई थी। रश्मिका नाम की महिला ने खुद को मुंबई का निवासी बताते हुए विपेन्द्र से संपर्क किया। उसने घर बैठे प्राइवेट जॉब और निवेश पर अच्छे मुनाफे का लालच दिया। यही वह जाल था जिसमें कारोबारी फंसता चला गया। जांच में सामने आया कि 22 अप्रैल से 22 सितंबर 2025 के बीच ठगों ने विपेन्द्र को मनोवैज्ञानिक रूप से पूरी तरह अपने नियंत्रण में ले लिया था। ठगों ने विपेन्द्र से अलग-अलग किस्तों में कुल 1.26 करोड़ रुपए कई बैंक खातों में ट्रांसफर करवा लिए
पुलिस के अनुसार विपेन्द्र की अपनी जमापूंजी खत्म हो गई, तब भी वह ठगों की चाल नहीं समझ सका। ठगों को भेजे रुपयों की वापसी की उम्मीद और डर के चलते विपेन्द्र ने अपने जीजा आनंद यादव सहित कुछ अन्य रिश्तेदारों और दोस्त अनिल यादव व कुछ अन्य परिचितों से रुपए उधार लिए। वापसी की उम्मीद समाप्त होने के बाद पुलिस से मामले की शिकायत की।