सागर- मंदिरों पर चोरों का तांडव, लाखों की चोरी, पुलिस ने लिखा सिर्फ 30 हजार, आस्था पर हमला
जहां लोग सुरक्षा की उम्मीद लेकर मंदिरों में शीश नवाते हैं, वहीं सागर जिले के नरयावली थाना क्षेत्र में चोरों ने मंदिरों को ही निशाना बना लिया है। बेखौफ बदमाश लगातार धार्मिक स्थलों में सेंध लगा रहे हैं, लेकिन पुलिस न तो चोरों तक पहुंच पा रही है और न ही मामलों का खुलासा कर पा रही है। हालिया घटना ने तो पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं—पुजारी लाखों की चोरी बता रहे हैं, जबकि पुलिस ने एफआईआर में नुकसान मात्र 30 हजार रुपये दर्ज किया है।
शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात कनेरा नीखर गांव में घनी बस्ती के बीच स्थित राज मंदिर को चोरों ने निशाना बनाया। मंदिर के पुजारी अजय ढेकला और आशीष कटारे ने बताया कि चोर मंदिर का ताला तोड़कर अंदर घुसे और तीन चांदी के मुकुट, माला, मंगलसूत्र, करधोनी, कुंडल, चांदी के धनुष-बाण, राधा जी की चेन सहित कई कीमती आभूषण चोरी कर ले गए। यहीं नहीं, चोरों ने पास के देवी मंदिर का ताला भी तोड़ दिया और वहां से चांदी का मुकुट व एक सोने का मंगलसूत्र ले उड़े। ग्रामीणों के अनुसार चोरी की कुल कीमत लाखों में है।
पीड़ित पुजारी का आरोप है कि पुलिस ने उनकी बताई गई सूची के अनुसार एफआईआर दर्ज नहीं की। उन्होंने कहा कि मंदिर में बड़े और कीमती आभूषण चोरी हुए, लेकिन पुलिस ने मामले को हल्का दिखाते हुए केवल छोटे-मोटे जेवरात लिखे और नुकसान मात्र 30 हजार रुपये दिखा दिया। इससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। घटना के बाद देर शाम फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट और डॉग स्क्वायड मौके पर पहुंचे और साक्ष्य जुटाने का प्रयास किया, लेकिन अब तक चोरों का कोई सुराग नहीं मिला है।
यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी नरयावली थाना क्षेत्र के पाली, किशनपुरा, सेमरा लहरिया और रूपऊ बरोदिया के मंदिरों में बड़ी चोरी हो चुकी है, लेकिन पुलिस आज तक किसी भी मामले का खुलासा नहीं कर पाई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर पुलिस जल्द सख्त कार्रवाई नहीं करती तो मंदिरों में चोरी की घटनाएं बढ़ती ही जाएंगी। सवाल यह है—क्या पुलिस मंदिरों की सुरक्षा को गंभीरता से लेगी, या चोर यूं ही आस्था से खेलते रहेंगे?