CM मोहन यादव का बड़ा फैसला, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के बच्चों की आजीवन पढ़ाई का जिम्मा, ₹4 लाख की सहायता
एक ओर जहां प्रदेश ने एक समर्पित आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को खो दिया, वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मानवीय संवेदना की मिसाल पेश करते हुए पीड़ित परिवार के लिए ऐतिहासिक फैसला लिया है। एमपी के नीमच जिले के ग्राम रानपुर में मधुमक्खियों के हमले में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता कंचन बाई मेघवाल के असमय निधन के बाद मुख्यमंत्री ने न केवल ₹4 लाख की तत्काल आर्थिक सहायता देने का निर्देश दिया, बल्कि उनके दोनों बच्चों की आजीवन पढ़ाई का पूरा खर्च राज्य सरकार द्वारा वहन करने की घोषणा की है। दर्दनाक घटना, लेकिन उम्मीद भरा फैसला रानपुर गांव में आंगनवाड़ी केंद्र में कार्यरत कंचन बाई मेघवाल पर अचानक मधुमक्खियों ने हमला कर दिया था। गंभीर रूप से घायल होने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। इस घटना से पूरा गांव शोक में डूब गया। परिवार के सामने अचानक बड़ा संकट खड़ा हो गया, क्योंकि कंचन बाई ही घर की अहम जिम्मेदार थीं। मुख्यमंत्री का मानवीय हस्तक्षेप जैसे ही यह मामला मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के संज्ञान में आया, उन्होंने तुरंत अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह केवल एक परिवार का नुकसान नहीं, बल्कि पूरे समाज की क्षति है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रदेश सरकार ऐसे कठिन समय में पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है।
सरकार की ओर से, ₹4 लाख की तत्काल आर्थिक सहायता कंचन बाई के दोनों बच्चों की स्कूल से लेकर उच्च शिक्षा तक की पूरी जिम्मेदारी, बच्चों की फीस, किताबें, यूनिफॉर्म और अन्य शैक्षणिक खर्च राज्य सरकार वहन करेगी
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कंचन बाई मेघवाल ने समाज और बच्चों के लिए निस्वार्थ सेवा की। उनका जाना अपूरणीय क्षति है। प्रदेश सरकार उनके परिवार को अकेला नहीं छोड़ेगी। उनके बच्चों का भविष्य सुरक्षित करना हमारी जिम्मेदारी है।” गांव में भावुक माहौल मुख्यमंत्री के इस फैसले के बाद रानपुर गांव में शोक के बीच संतोष की भावना भी देखी जा रही है। परिजनों ने मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि सरकार के इस सहयोग से उनके बच्चों का भविष्य सुरक्षित हुआ है।
यह निर्णय एक बार फिर साबित करता है कि मुख्यमंत्री मोहन यादव संवेदनशील नेतृत्व के साथ प्रदेश को मानवीय दृष्टिकोण से चला रहे हैं। जहां एक ओर दुख है, वहीं दूसरी ओर सरकार ने उम्मीद की रोशनी जलाई है।