SIR को लेकर आमने-सामने भाजपा-कांग्रेस, भाजपा पर सांठगांठ और मिलीभगत के आरोप !
कांग्रेस ने भाजपा पर फिर एक बार बड़ा आरोप लगाया है। कांग्रेस ने SIR को लेकर बड़े और गंभीर आरोप लगाते कहा की बदले की भावना से मतदाताओं के नाम काटे जा रहे हैं। एमपी के दमोह जिले में राजनैतिक गर्माहट देखी जा रही है। जहां एक बार फिर भाजपा-कांग्रेस के पदाधिकारी और कार्यकर्ता एसआईआर प्रक्रिया को लेकर आमने-सामने हैं। कांग्रेस ने जिला प्रशासन की भाजपा से सांठगाठ और मिलीभगत की ओर इशारे का आरोप भी लगाया।
दरअसल इसी को लेकर कांग्रेस ने एक निजी होटल में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की थी। जिसमें कांग्रेस के पदाधिकारी ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की SIR प्रक्रिया में भाजपा के इशारे पर लोकतंत्र को कमजोर करने का खुला षड्यंत्र किया जा रहा है। नियमों को ताक पर रखकर समुदाय विशेष, गरीब और मजदूर वर्ग के मतदाताओं के नाम जानबूझकर काटे जा रहे हैं भाजपा द्वारा फॉर्म क्रमांक 7 में हजारों फर्जी आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं
कांग्रेस जिलाध्यक्ष मानक पटेल ने आरोप लगाते हुए कहा की दमोह विधानसभा में 2891 हटा में 1308 जबेरा में 1301 और पथरिया में 1501 आपत्तियां दर्ज की गई है। कई आपत्ति कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया है कि उन्होंने कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई। जबकि कई आपत्तिकर्ता जिले या प्रदेश के बाहर के हैं। यह पूरी प्रक्रिया भाजपा प्रायोजित साजिश है। साथ ही कहा की जिन मतदाताओं का नाम बीएलओ द्वारा पहले ही सत्यापन हो चुका है उनसे दोबारा दस्तावेज मांग कर और मजदूरी के लिए बाहर गए लोगों के नाम काटकर मताधिकार छीना जा रहा है प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने के बाद भी जनता की सुनवाई नहीं हो रही है क्योंकि प्रशासन भाजपा सरकार के दबाव में काम कर रहा है। यह भी आरोप लगाया की सीता नगर परियोजना से 33 गांव को जानबूझकर अलग कर दिया गया। जिससे हजारों ग्रामीणों को बुनियादी सुविधाओं से वंचित किया जा रहा है। कांग्रेस की मांग है कि शासन तत्काल इन सभी गांव को सीता नगर परियोजना से वापस जोड़े।