सागर- लोगों की जा-न बचाने CPR क्यों है ज़रूरी, दिया जा रहा प्रशिक्षण
सागर- लोगों की जा-न बचाने CPR क्यों है ज़रूरी, दिया जा रहा प्रशिक्षण
CPR कैसे दिया जाता है क्या तरीका है और CPR का महत्व क्या है। इसको लेकर सागर में IMA ने शानदार पहल करते हुए बढ़िया तरीके से इसके बारे में समझाया और बताया की अब NCC के कैडेट्स भी आपात स्थिति लोगों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाएंगे। जी हाँ सागर के पुलिस लाइन में सैकड़ों कैडेट्स ने जीवन रक्षा की यह महत्वपूर्ण तकनीक सीखी। सागर में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत एनसीसी कैडेट्स को आपात स्थिति में जान बचाने की कला सिखाई गई। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) सागर शाखा और इंडियन सोसाइटी ऑफ एनेस्थेसियोलॉजी (आईएसए) सागर सिटी ब्रांच के संयुक्त प्रयास से पुलिस लाइन में सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया था।
मुख्य प्रशिक्षक डॉ.मनोज साहू ने सरल भाषा और व्यावहारिक प्रदर्शनों के माध्यम से बताया कि हृदय गति रुकने या सांस बंद होने की स्थिति में तुरंत सीपीआर शुरू करने से मस्तिष्क तक ऑक्सीजन पहुंचती रहती है। जिससे अस्पताल पहुंचने तक का कीमती समय बचाया जा सकता है। वहीं आईएमए सागर के अध्यक्ष डॉ. तल्हा साद ने वैज्ञानिक तथ्य साझा करते हुए कहा कि सही समय पर दिया गया सीपीआर व्यक्ति के जीवित रहने की संभावना को दोगुना या तिगुना तक बढ़ा सकता है। क्योंकि यह रक्त संचार को बनाए रखता है। उन्होंने आम लोगों से अपील की कि किसी भी आपात स्थिति में बिना डर या हिचकिचाहट के सीपीआर शुरू करें, क्योंकि हर सेकंड जीवन और मौत के बीच का फर्क तय कर सकता है। इसके अलावा प्रशिक्षक डॉ. अजमल खान ने जोर देकर कहा कि ऐसी ट्रेनिंग न सिर्फ पुलिसकर्मियों और कैडेट्स को जिम्मेदार नागरिक बनाती है। बल्कि पूरे समाज में त्वरित आपात सहायता की संस्कृति को मजबूत करती है।
कार्यक्रम में डॉ. रजत जैन, डॉ. आनंद कुमार समेत सपोर्ट स्टाफ रामजी कुर्मी और तरुण ठाकुर की सराहनीय भूमिका रही। बता दें की आईएमए और आईएसए द्वारा शहर के स्कूलों, कॉलेजों और कई संस्थानों के लोगों को जीवन रक्षा कौशल से जोड़ा जा रहा है।--------