Sagar-बॉयज हॉस्टल में डर-डर कर रहने मजबूर हुए छात्र, 5 महीने में दूसरी बार गिरा प्लास्टर
सागर के सिरोंजा बॉयज हॉस्टल में उस समय हड़कंप मच गया जब अचानक छत का प्लास्टर उखाड़कर गिर गया इस दौरान वहां पर स्टूडेंट भी मौजूद थे और ऐसा पहली दफा नहीं बल्कि 5 महीने में दूसरी घटना हुई है इसके बाद हॉस्टल में रहने वाले स्टूडेंटों में दहशत का माहौल है अनुसूचित जाति के स्टूडेंट इस हॉस्टल में रहकर अपनी कॉलेज की पढ़ाई पूरी कर रहे हैं लेकिन हॉस्टल का 13 कमरों वाला यह भवन पूरी तरह से जर्जर हो चुका है और अब इसमें रहने में स्टूडेंट डर रहे हैं उनका कहना है कि या तो इस हॉस्टल को कहीं दूसरी जगह शिफ्ट किया जाए या फिर अच्छे से इसकी मरम्मत करवा दी जाए, क्योंकि पिछली बार मरम्मत के नाम पर केवल लीपापोती कर दी गई थी
बता दें कि इस बालक छात्रावास में 50 छात्रों के रहने की जगह है लेकिन इस समय करीब 30 स्टूडेंट ही रह रहे हैं, और प्लास्टर गिरने के बाद से तो डर का माहौल है स्टूडेंट का कहना है कि जिस समय प्लास्टर गिरा उसे समय एक बच्चा पलंग पेटी कर बैठा था जैसे ही वह उठकर पानी पीने के लिए गया इधर प्लास्टर गिरा जिसमें प्लास्टिक की कुर्सी बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हुई है अगर यही प्लास्टर किसी स्टूडेंट पर गिर जाता तो कोई बड़ी अनहोनी भी हो सकती थी, पिछले बार आधी रात को प्लास्टर स्टूडेंटों के ऊपर गिरा था उसे समय वह कंबल और रजाई लेकर सो रहे थे इसलिए उनको चोट नहीं आ पाई थी इस बार फिर बड़ी घटना होने से टल गई लेकिन इस तरह से कब तक स्टूडेंट बचते रहेंगे अगर किसी दिन बड़ी घटना हो गई तो इसका जिम्मेदार कौन होगा
मोहन नगर वार्ड के पूर्व पार्षद महेश सोनी ने बताया कि यह क्षेत्र सागर का “मिनी वृंदावन”
कहलाता है, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु, विशेषकर महिलाएं, प्रतिदिन दर्शन के लिए आती हैं। ऐसे धार्मिक और संवेदनशील क्षेत्र में इस तरह की घटना चिंताजनक है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से क्षेत्र में गश्त बढ़ाने और सीसीटीवी कैमरे लगाने की मांग की है। घटना को लेकर स्थानीय दुकानदारों और नागरिकों में रोष व्याप्त है।