नकली जीरे का बड़ा भंडाफोड़, सौंफ पर सीमेंट-केमिकल का लेप, ब्रांडेड पैकेट में जहर बेचने का खेल
आपकी रसोई तक पहुंच रहा जीरा अगर सच में जीरा नहीं, बल्कि सीमेंट और केमिकल से बना जहर हो तो? एमपी के ग्वालियर में पुलिस ने ऐसा ही चौंकाने वाला खुलासा किया है, जिसने पूरे खाद्य बाजार को हिला कर रख दिया है। यहां गुजरात के प्रतिष्ठित “शिवपुजारी” ब्रांड के पैकेट में नकली जीरा पैक कर बाजार में बेचा जा रहा था। छापेमारी में 46 बोरी नकली जीरा बरामद हुआ है, जिसे सौंफ के बीजों पर सीमेंट और खतरनाक केमिकल का लेप चढ़ाकर तैयार किया गया था। मामला तब सामने आया जब गुजरात के मेहसाणा जिले के ऊंझा निवासी व्यवसायी विमल कुमार पटेल—जो “शिवपुजारी” ब्रांड के मालिक हैं—को शिकायतें मिलने लगीं कि ग्वालियर में उनके ब्रांड के नाम पर घटिया जीरा बेचा जा रहा है। संदेह होने पर वे खुद ग्वालियर पहुंचे और जांच शुरू की। उनकी पड़ताल में पता चला कि मां शीतला कोल्ड स्टोरेज में बड़ी मात्रा में संदिग्ध जीरा रखा गया है। सूचना मिलते ही बहोड़ापुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और 46 बोरियां जब्त कर लीं। जांच में यह जीरा पूरी तरह नकली निकला।
पुलिस पूछताछ में चौंकाने वाली जानकारी मिली—आरोपी बारीक सौंफ के बीजों पर सीमेंट पाउडर और केमिकल का लेप चढ़ाकर उन्हें जीरे जैसा रूप देते थे। इसके बाद इन्हें असली ब्रांडेड पैकेट में भरकर ऊंचे दामों पर बाजार में बेच दिया जाता था। यह खेल सिर्फ मुनाफे का नहीं, बल्कि लोगों की जान से खिलवाड़ का था। ग्वालियर जिला अस्पताल के एमडी मेडिसिन डॉ. मुकेश तोमर ने चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसे मिलावटी खाद्य पदार्थ सीधे किडनी और लीवर को नुकसान पहुंचाते हैं। अस्थमा के मरीजों के लिए यह बेहद खतरनाक हो सकता है और लंबे समय तक सेवन से कैंसर का खतरा भी बढ़ जाता है।
पुलिस ने कॉपीराइट एक्ट और बीएनएस की धाराओं के तहत तीन व्यापारियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और उनकी तलाश जारी है। साथ ही उस अवैध कारखाने की खोज भी की जा रही है, जहां सौंफ पर सीमेंट-केमिकल का लेप चढ़ाने का गोरखधंधा चल रहा था।
जांच अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद इस पूरे सिंडिकेट का पर्दाफाश होगा—कि अब तक कितना नकली जीरा बाजार में खपाया जा चुका है और इसके पीछे कौन-कौन शामिल हैं। यह मामला सिर्फ ग्वालियर का नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए गंभीर चेतावनी है। ऐसे में उपभोक्ताओं को सतर्क रहने की जरूरत है—क्योंकि हर चमकता दाना, असली जीरा नहीं होता।