सवर्ण समाज की महिलाओं में गुस्सा, बोलीं राजनैतिक रोटियां सेंकने लाये UGC कानून
सवर्ण समाज की महिलाओं में गुस्सा, बोलीं राजनैतिक रोटियां सेंकने लाये UGC कानून
UGC कानून लागू होने के बाद से इसका लगातार विरोध देखने को मिल रहा है। अब एक बार फिर बड़ी संख्या में सड़कों पर उतरी महिलओं ने इसका विरोध करते हुए इसे ज़हर बताया। महिलाओं का कहना है की इसमें संशोधन करने की ज़रूरत नहीं है बल्कि सिरे से खारिज करने की ज़रूरत है। सिर्फ राजनीतिक फायदे के लिए इस कानून को लाया गया है। इसके खिलाफ एमपी के टीकमगढ़ में बड़ी संख्या में सवर्ण समाज की महिलाओं ने राष्ट्रपति के नाम संतों के मार्गदर्शन में प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है।
इसको लेकर कहा गया की नया यूजीसी कानून केवल एक प्रशासनिक दस्तावेज नहीं बल्कि भारत के शैक्षणिक भविष्य का प्रश्न है यदि इसे आज नहीं रोका गया तो आने वाली पीढियां हमें कभी क्षमा नहीं करेंगे। इसलिए ज़रूरी है की शिक्षक, छात्र और समाज का हर जागरूक नागरिक एकजुट होकर इस शिक्षा विरोधी कानून का विरोध करता है। साथ ही कहा गया की नए यूजीसी कानून पर पुनर्विचार कर देश की शिक्षा व्यवस्था को सुधार लोकतांत्रिक और समावेशी बनाएं। जन भावना को दृष्टिगत रखते हुए पूरे यूजीसी संशोधन निरस्त करके पूरी कमेटी बर्खास्त करें।
दरअसल केंद्र सरकार द्वारा लाये गए यूजीसी कानून के विरोध में अब महानगरों के बाद ग्रामीण और नगरीय अंचलों में भी आक्रोश फूट रहा है। इसी को लेकर टीकमगढ़ में सवर्ण समाज ने इसे काला कानून करार देते हुए इसके विरुद्ध मोर्चा खोल दिया है। इस कानून के विरोध में सैकड़ो की संख्या में युवा, महिला, बुजुर्ग समेत सवर्ण समाज के लोग आगे आए और महामहिम राष्ट्रपति के नाम से कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर संयुक्त कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया है।