Sagar - वाह रे सिस्टम क्या कहना...अधिकारीयों को साफ पानी, बच्चों को मैला पानी !
सागर जिले के बीना में आयोजित कार्यक्रम में एक तरफ अधिकारीयों और जनप्रतिनिधियों को अलग से पानी दिया जा रहा था। लेकिन बच्चों को जंग लगे टैंकर का पानी पिलाया जा रहा था। हद तो ये भी है की गिलास भी गंदे दिए गए थे। मामला सामने आने के बाद कई सवाल उठ रहे हैं की आखिर बच्चों के साथ ऐसा भेदभाव क्यों। मामले में पार्षद ने आरोप लगाते हुए इस बात की शिकायत एसडीएम और सीएमओ से भी की। दरअसल मामला बीना के सरकारी उत्कृष्ट स्कूल क्रमांक एक का है जहां गणतंत्र दिवस का मुख्य समारोह आयोजित किया गया था।
इस दौरान नानक वार्ड पार्षद बीडी रजक ने आरोप लगाते हुए कहा कि यहां बच्चों के लिए जंग लगे पानी के टैंकर और स्टील के गंदगी लगे बर्तनों से पानी पिलाया जा रहा था। उन्होंने कहा की इंदौर में दूषित पानी से जान गंवाने के बाद भी प्रशासन सबक नहीं ले रहा है। जब सरकारी स्कूल में गणतंत्र दिवस का मुख्य समारोह आयोजित किया जा रहा था इसके लिए जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के लिए अलग से पानी की बॉटल की व्यवस्था की गई थी। लेकिन बच्चों के लिए एक पानी का टैंकर और स्टील के गिलास और जग रख दिया गया।
जब उन्होंने मौके पर जाकर देखा तो पानी के टैंकर में जंग लगी हुई थी और स्टील के गिलास और जग भी साफ नहीं किए गए थे। गिलास और जग में गंदगी लगी हुई थी। टैंकर से आ रहा पानी भी साफ नहीं था। पार्षद ने कहा जब उन्होंने सीएमओ को यही पानी पीने के लिए कहा तो उन्होंने भी पानी नहीं पिया। साथ ही जब कोई छात्र टैंकर के पास पानी के स्टॉल पर पानी पीने के लिए आ रहा था तो वह उनको मना करते हुए भी दिखे। इंदौर के भागीरथपुरा की घटना से भी नगर पालिका के जिम्मेदार अफसर, जनप्रतिनिधि सबक नहीं ले रहे हैं। इस संबंध में उन्होंने अधिकारियों से शिकायत भी की है।