जमीन की बात पर लिपिक को लगाया ठिकाने, फिर सड़क पर मचा जमकर बवाल
एक लिपिक का मर्डर किये जाने और बॉडी को कुएं में फेंकने के बाद हालात बिगड़ गए। आरोपियों के घर पर बुलडोजर चलाये जाने की मांग को लेकर परिजनों के साथ अन्य लोगों ने चक्काजाम कर दिया। साथ ही विरोध प्रदर्शन करते हुए जमकर नारेबाजी की, लोगों का पुलिस के खिलाफ आक्रोश फूटा। और फिर एक बार उन्होंने कार्यवाई किये जाने को लेकर प्रदर्शन किया। घटना टीकमगढ़ जिले के खरगापुर थाना इलाके की है। जहां शिक्षा विभाग के एक लिपिक के मर्डर के विरोध में हंगामा हुआ। प्रदर्शनकारी आरोपियों के मकानों पर बुलडोजर चलाने की मांग पर अड़े हुए थे। यह घटना जमीनी विवाद को लेकर हुई थी।
मामले में पुलिस ने एक महिला समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मुख्य आरोपी सुरेंद्र यादव ने घटना के तुरंत बाद थाने पहुंचकर आत्मसमर्पण कर दिया था। बाद में पुलिस ने भगवानदास यादव, अंकित यादव और किरण यादव को भी गिरफ्तार किया। घटना के बाद परिजन लोगों के साथ खरगापुर में धरने पर बैठ गए। मौके पर एडिशनल एसपी विक्रम सिंह और एसडीओपी राहुल कटारे समेत भारी पुलिस बल तैनात किया गया। साथ ही परिजनों और प्रदर्शनकारियों को समझाइश भी दी गयी।
दरअसल यह घटना रविवार शाम को हुई थी जब शिक्षा विभाग में कार्यरत सुनील रुसिया का फावड़ा मारकर मर्डर कर दिया था। इसके बाद आरोपी सुरेंद्र यादव ने खुद ही थाने पहुंचकर पुलिस को सूचना दी थी। वहीं घटना के बाद लोगो ने विरोध प्रदर्शन करते हुए देर रात तक जाम लगाया रखाथा। मर्डर के बाद आरोपी सुरेंद्र ने सुनील की बॉडी को पास के एक कुएं में फेंक दिया था।
घटना को लेकर बताया जा रहा है की मृतक सुनील रूसिया ने घटनास्थल पर जमीन खरीदकर प्लॉटिंग की थी। वहां एक व्यक्ति द्वारा मकान निर्माण कराया जा रहा था, जिसे सुरेंद्र ने रोक दिया था। इसी बात को लेकर सुनील को मौके पर बुलाया गया, जहां सुरेंद्र के परिजनों से उसका विवाद हुआ और फिर सुरेंद्र ने ये कदम उठाया। मृतक सुनील के दो छोटे बच्चे और एक छोटा भाई है। धरने पर बैठे लोगों का कहना था कि आरोपियों ने बच्चों को अनाथ कर दिया। ऐसे लोगों के घर बुलडोजर चलाकर कर घर गिराया जाना चाहिए। मामले में एसडीएम भारती देवी मिश्रा और टीकमगढ़ एसडीओपी राहुल कटारे ने जानकारी दी।