पर्यावरण में बदलाव से बढ़ रही त्वचा की बीमारियां, डॉ. ने बताया ख़ास उपाय
पर्यावरण में लगातार होने वाले बदलाव की वजह से इसका असर आम लोगों के जीवन पर पड़ रहा है। जिससे त्वचा के रोग बढ़ रहे हैं। खान-पान और प्रदुषण की वजह से यह चीजें अब साधारण हो गयी है। छोटे बच्चों से लेकर इनका असर बड़ों तक पर पड़ रहा है। जिससे न्यूट्रीशियन यानी पोषण को ठीक करने की ज़रूरत है। यह बात बुंदेलखंड की एक डॉक्टर ने कही, इसी को लेकर वह लोगों को निःशुल्क इलाज भी मुहैया करा रही हैं। जिससे कई लोगों को इसका लाभ मिल रहा है।
दरअसल एमपी के टीकमगढ़ शहर में पहली बार नि:शुल्क त्वचा रोग निवारण शिविर का आयोजन किया गया। कुंवरपुर रोड स्थित एक मेडिकल स्टोर पर टीकमगढ़ की ही बेटी डॉ ऋचा जैन ने त्वचा रोग एमडी कर जिले के लोगों को निशुल्क परामर्श शिविर लगाकर महीने में दो दिन सेवाएं देने की शुरूआत कर दी है। निशुल्क शिविर के माध्यम से टीकमगढ़ शहर के साथ ग्रामीण लोग भी चेकअप कराकर त्वचा, बाल और सौन्दर्य रोग विशेषज्ञ के तौर पर सेवाएं ले रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक त्वचा की बीमारी के लिए लोग ग्वालियर, झांसी या भोपाल दिखाने जाते थे। जिससे उनका पैसा ज्यादा लगता था। साथ ही समय की भी बर्बादी होती थी। जिसको लेकर डॉ ऋचा जैन टीकमगढ़ में निशुल्क शिविर लगाकर यहां के लोगों के समय और पैसे की बचत कर रही हैं। वह मौसम में हो रहे बदलाव के चलते होने वाली मौसमी बीमारियों से भी लोगों को बचाने के लिए जागरुक कर रही हैं।
उनका कहना है की इन सब बीमारियौं को ध्यान में रखते हुए संतुलित आहार लेना है। सर्दी के मौसम में सोरायसिस और अन्य बीमारियां होना देखी जाती है इसलिए ठंड के मौसम में ज्यादा सावधानी बरतने की ज़रूरत है।