जटाशंकर धाम में गूंजा महादेव का लग्नोत्सव, महाशिवरात्रि महोत्सव का शुभारंभ, वसंत पंचमी पर शिव-भक्ति का महासंगम
ऋतुराज वसंत के स्वागत और वसंत पंचमी के पावन अवसर पर एमपी के सागर संभाग के दमोह जिले के सुप्रसिद्ध तीर्थ जटाशंकर धाम में आस्था, परंपरा और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। सर्किट हाउस पहाड़ी की तलहटी में विराजमान भगवान भोलेनाथ के दरबार में आज महादेव का दिव्य लग्नोत्सव पूर्ण विधि-विधान और पारंपरिक मर्यादाओं के साथ संपन्न हुआ। इसी के साथ महाशिवरात्रि महोत्सव का औपचारिक आगाज़ भी हो गया।
सुबह से ही जटाशंकर धाम में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। हजारों भक्तों ने कतारबद्ध होकर भोलेनाथ का जलाभिषेक किया और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। उत्सव की रौनक तब चरम पर पहुंची जब जटाशंकर कॉलोनी और इंद्रा कॉलोनी से गाजे-बाजे, ढोल-नगाड़ों और मंगल गीतों के साथ भगवान की ‘लगुन’ मंदिर प्रांगण पहुंची। पुष्पवर्षा के बीच श्रद्धालु झूमते-नाचते हुए भगवान के विवाह का निमंत्रण लेकर पहुंचे, जिससे पूरा परिसर शिवमय हो उठा।
मंदिर के पुजारी पं. मोनू पाठक ने बताया कि सनातन परंपरा के अनुसार आज लगुन वाचन के साथ भगवान शिव के विवाह की रस्में विधिवत प्रारंभ हो गई हैं। लगुन लेकर आए भक्तों का मंदिर समिति द्वारा भव्य स्वागत-सत्कार किया गया। उन्होंने बताया कि यह आयोजन महाशिवरात्रि के महापर्व की पूर्व बेला है। महाशिवरात्रि के दिन भगवान भोलेनाथ और माता पार्वती का भव्य विवाह उत्सव आयोजित होगा, जिसमें नगर के प्रमुख मार्गों से महादेव की विशाल बारात निकलेगी। आगामी दिनों में शिवभक्त भूत-प्रेत, गण और शिवगणों के वेश में बारात में शामिल होंगे, जिससे नगर का हर कोना शिवभक्ति के रंग में रंग जाएगा। आज के लग्नोत्सव ने पूरे दमोह को उत्सवधर्मी बना दिया—हर ओर “हर-हर महादेव” के जयघोष गूंजते रहे।