एड्स रोकथाम योजना पर दाग, 2027 एक्सपायरी वाले सरकारी कंडोम जलाए, NGO पर कागजों में वितरण का आरोप
एमपी के मंडला जिले से सरकारी सिस्टम को कटघरे में खड़ा करने वाली तस्वीरें सामने आई हैं। एड्स जैसी गंभीर बीमारी की रोकथाम के लिए चल रही ‘लक्ष्यगत हस्तक्षेप परियोजना’ पर अब भ्रष्टाचार और लापरवाही के आरोप लग रहे हैं। दावा है कि ग्रामीणों में जागरूकता और सुरक्षित व्यवहार को बढ़ावा देने के लिए बांटी जाने वाली सरकारी सामग्री को चुपके से जलाकर नष्ट किया जा रहा था। घटना की तस्वीरें सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है और सीएमएचओ ने जांच के निर्देश दिए हैं।
दरअसल, सरकार एड्स नियंत्रण और रोकथाम के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। इलाज के साथ-साथ जागरूकता अभियान, रैलियां, काउंसलिंग और सुरक्षित यौन संबंधों को लेकर सामग्री वितरण—ये सभी गतिविधियां कई जगहों पर एनजीओ के माध्यम से संचालित होती हैं। लेकिन मंडला में सामने आया मामला इसी व्यवस्था पर सवाल उठा रहा है। आरोप है कि जिस सामग्री को गांव-गांव, घर-घर बांटा जाना था, वह वितरण के बजाय स्टॉक खत्म दिखाने के लिए जलाई जा रही थी।
कैमरे में कैद तस्वीरों में साफ दिखाई दे रहा है कि सरकारी कंडोम के ढेर खुले में रखकर आग के हवाले किए गए। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि पैकेट्स पर एक्सपायरी डेट 2027 दर्ज है—यानी यह सामग्री अभी लंबे समय तक उपयोग और वितरण योग्य थी। इसके बावजूद इसे नष्ट कर देना गंभीर अनियमितता माना जा रहा है। नियमों के मुताबिक, किसी भी सरकारी सामग्री को नष्ट करने के लिए तय प्रोटोकॉल, प्रशासनिक अनुमति और विधिवत रिकॉर्ड जरूरी होता है, लेकिन आरोप है कि यहां इन नियमों का पालन नहीं किया गया।
इस पूरे मामले में यह भी आरोप लग रहे हैं कि एनजीओ ने रिकॉर्ड में रैलियों और वितरण के बड़े-बड़े दावे किए, जबकि जमीनी हकीकत इसके उलट निकली। कैमरे के सामने जिम्मेदार लोगों का बचना भी कई सवाल खड़े कर रहा है।
इधर, जिला चिकित्सा अधिकारी डॉ. धरित्रि जे. मोहन्ती ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि सरकारी संपत्ति को इस तरह जलाकर नष्ट करना नियमों का खुला उल्लंघन है। पूरे मामले की विस्तृत जांच कराई जा रही है और जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल, मंडला में यह मामला सिर्फ सामग्री जलाने तक सीमित नहीं, बल्कि सरकारी योजनाओं की पारदर्शिता और जवाबदेही पर भी बड़ा सवाल बनकर खड़ा हो गया है।