अधिवक्ताओं का बड़ा आरोप, टीआई पर मा र पी ट और कोर्ट परिसर में चालानी कार्रवाई का आरोप, सैकड़ों वकीलों ने SP ऑफिस घेरा
अधिवक्ताओं का बड़ा आरोप, टीआई पर मा र पी ट और कोर्ट परिसर में चालानी कार्रवाई का आरोप, सैकड़ों वकीलों ने SP ऑफिस घेरा
एमपी के रीवा में अधिवक्ताओं का गुस्सा गुरुवार को सड़कों पर दिखा, जब एक अधिवक्ता के साथ कथित मारपीट और न्यायालय परिसर के भीतर वाहनों पर चालानी कार्रवाई को लेकर वकील समुदाय भड़क उठा। दोपहर के वक्त बार एसोसिएशन अध्यक्ष राजेंद्र पांडे के नेतृत्व में सैकड़ों अधिवक्ता एकजुट होकर एसपी कार्यालय पहुंचे और यातायात थाना प्रभारी के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए विरोध-प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की और चेतावनी दी कि यदि त्वरित व सख्त कदम नहीं उठाए गए तो आंदोलन और उग्र होगा।
मामले की शुरुआत न्यायालय परिसर में की गई चालानी कार्रवाई से बताई जा रही है। अधिवक्ताओं का आरोप है कि हाल ही में यातायात थाना प्रभारी ने कोर्ट परिसर के अंदर अधिवक्ताओं के वाहनों पर कैच व्हील लगाकर चालान काटे, जिससे पेशेवर कामकाज बाधित हुआ और अधिवक्ताओं को अपमानित महसूस हुआ। इसी बीच एक और गंभीर आरोप सामने आया—अधिवक्ता विकास पटेल के साथ कथित मारपीट का।
पीड़ित अधिवक्ता विकास पटेल का कहना है कि टीआई एनिमा शर्मा ने उनके साथ मारपीट की। उन्होंने खुद को अधिवक्ता बताया, पहचान पत्र भी दिखाया, फिर भी बात नहीं सुनी गई। उल्टा उनके खिलाफ सिविल लाइन थाने में झूठा मामला दर्ज कराए जाने का आरोप भी लगाया गया है। विकास का कहना है कि यह कार्रवाई न सिर्फ अन्यायपूर्ण है, बल्कि पूरे वकील समुदाय के सम्मान पर चोट है।
प्रदर्शन के दौरान एसपी कार्यालय के बाहर कुछ देर के लिए माहौल तनावपूर्ण रहा। बार अध्यक्ष राजेंद्र पांडे ने कहा कि शहर की यातायात व्यवस्था पहले से ही बिगड़ी हुई है, लेकिन कार्रवाई उन पर हो रही है जो न्याय व्यवस्था का हिस्सा हैं। उन्होंने साफ कहा—यदि जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई नहीं करते, तो भविष्य में वकील-पुलिस के बीच होने वाले किसी भी विवाद की जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की होगी।
इधर एडिशनल एसपी आरती सिंह ने कहा कि अधिवक्ताओं का
ज्ञापन प्राप्त हो गया है और मामले की जांच कर विधिसंगत कार्रवाई की जाएगी।