गौशाला में खाना न मिलने से दर्जनों गायें नहीं बच सकी, आखिर हो क्या रहा है ?
एमपी के छतरपुर जिले की एक गौशाला में अचानक एक के बाद एक कई गायों की जान जाने से हड़कंप मच गया। यही नहीं बीते कुछ दिनों पहले कुत्तों और सियार की जान भी जा चुकी है। और सबसे ज्यादा हैरानी की बात तो यह है की इन सभी की जान पर्याप्त भोजन न मिलने की वजह से होना बताई जा रही है। आलम ये है की गौशाला में खाना न मिलने की वजह से हर रोज करीब 3 गायों की जान जा रही है।
आपको नज़र आने वाली ये तस्वीरें छतरपुर जिले के नौगांव स्थित जिले की सबसे बड़ी बुंदेलखंड गौशाला की हैं। जहाँ गायों के दम तोड़ने के बाद जांच करने प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। बताया जा रहा है की बीते एक हफ्ते में तकरीबन 3 दर्जन गायों की जान जा चुकी है। इस बात की शिकायत गांव के लोगों ने जनसुनवाई में भी की थी। इसके अलावा बीते हफ्ते ही कई डॉग्स और सियार की जानें भी गौशाला में हो चुकी हैं। जब नौगांव एसडीएम गोपाल शरण पटेल ने एक जांच टीम मौके पर भेजी तो तस्वीरों ने सबके रोंगटे खड़े कर दिए। गौशाला के मैनेजर ने बताया कि गौशाला के अंदर गायों के खाने की व्यवस्था ना होने के कारण रोज 2 से तीन गाएं मर रही है।
सबसे बड़ा सवाल ये है कि 200 से जादा बीघा में फैली गौशाला में गायों के लिए खाने की व्यवस्था क्यों नहीं है। जबकि वहां मौजूद लोगों ने बताया है कि गौशाला की 90 प्रतिशत जगह आस पास के गांवों के किसानों को बट्टे पर दी गई है जिन्होंने अपनी अपनी जगह पर फैंसिंग कर रखी है। जिस कारण गायों को भर पेट भोजन ना मिलने के कारण उनकी जान जा रही है।
मामले में एसडीएम ने कहा कि गौशाला मे चार गायों की जान गयी है। उनका पोस्टमार्टम विटनरी डॉक्टर ने किया है। कुछ गायें कमजोर थी और एक के पेट में पॉलीथिन मिली है। मरी हुई गायो को ठीक से दफन किया जाये इसके निदेश दिये गये हैं वहीं वेटनरी डॉक्टर ने बताया कि इस गौशाला मे बहुत सी गायें कमजोर है। उन्हे पोस्टिक आहार मिले इसके लिये गौशाला के अध्यक्ष को बताया गया है।