Sagar - 5 साल तक ब्लैक कोबरा के साथ रहा परिवार, स्नेक कैचर को देखते ही गायब हो जाता था
जहरीला कोबरा नाग बीते पांच साल से इंसानों के साथ एक घर में डेरा जमाए था। जब—तब वह बाहर निकल आता, तो कभी दिवारों में बने सुराखों से झांकता था, तो कभी खप्पर पर नजर आता था। आज आखिरकार इस छिपा रूस्तम सांप का सफल रेस्क्यू कर लिया गया।
सागर जिले के सांईखेड़ा के खेजरा बुदू गांव में ऋषिकांत पाण्डेय के मकान से एक ब्लैक कोबरा नाग का रेस्क्यू किया गया। मकान पुराना और मोटी दीवारें थी। उपर छत की जगह खप्पर था। मकान तोड़ा जा रहा था, इस कारण यह सांप जमीन की नींव से निकलकर रेंगते हुए खप्पर में जाकर छिप गया। स्नेक कैचर अकील बाबा ने करीब आधे घंटे की मशक्त के बाद सांप का सफल रेस्क्यू कर लिया।
ऋषि पाण्डेय के अनुसार कोबरा सांप उनके घर में बीते करीब 5 सालों से रह रहा था। वह जब—तब नजर आता था। कभी कमरे में रेंगता तो कभी दीवारों के सुराख से दिख जाता था। कई दफा खप्पर पर भी दिखा। जब तक हम स्नेक कैचर को बुलाते वह गायब हो जाता था। चूंकी हमारे यहां नाग देवता की पूजा होती है, इसलिए बुजुर्गों ने मारने से मना कर दिया था। हमने 50 किलोमीटर दूर तक से स्नेक कैचर बुलवाए थे, लेकिन यह काला नाग पकड़ा नहीं जा सकता था। आज खप्पर से अकील बाबा ने पकड़ लिया।
अकील बाबा ने बताया कि ऐसा बहुत कम होता है कि घर में इतने लंबे समय तक सांप, घर के सदस्यों के साथ छिपकर रहता रहे। हालांकि इन लोगों ने सांप को नुकसान पहुंचाने की कोशिश नहीं की। घर पुराना था और दीवारें कई फीट चौड़ीं थीं, इस कारण अंदर के पोल और सुराखों में वह नींव से लेकर उपर तक आता—जाता रहा होगा। मकान बन रहा है, दीवारें टूटी तो अब वह बाहर निकल आया।
अकील के अनुसार पकड़ा गया सांप करीब 5 फीट का है। यह ब्लैक कोबरा प्रजाति का सांप है। यह काफी जहरीला होता है। यदि किसी को डस ले तो मिनटों में जान निकल सकती है। यदि कभी सांप डस ले तो तत्काल अस्पताल जाकर एंटी स्नेक बेनम के इंजेक्शन लगवाना चाहिए। उन्होंने बताया कि ऋषि के घर से पकड़ा गया सांप काफी जहरीला था। आश्चर्य है कि वह पांच साल तक घर में छिपा रहा।