20 साल पहले जो फौजी चल बसा, उसे ज़िंदा बताकर बेच दी करोडों की जमीन !
जिस फौजी को उनकी वीरता के लिए सरकार ने जमीन दी, उनके गुजरने के बाद उसी ज़मीन को भू माफियाओं ने एक बार नहीं बल्कि दो बार बेच दिया। जी हां एमपी के छतरपुर से यह हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। जहां एक मृत फौजी को कागजों में जिंदा दिखाकर भूमाफियाओं ने करोड़ों का खेल कर दिया। मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर 7 आरोपियों की तलाश शुरू की है।
मामला छतरपुर जिले के बमीठा थाना इलाके का है। दरअसल जिस शख्त की जान 20 साल पहले जा चुकी थी, वह अचानक सरकारी रिकॉर्ड में जिंदा हो गया। उसी के नाम पर सरकारी जमीन की रजिस्ट्री कराकर करोड़ों रुपये का खेल खेला गया। बताया जा रहा है की साल 1990 में बमीठा थाना क्षेत्र के शिवराजपुर गांव में सरकार ने फौजी रामसेवक तिवारी को सरकारी भूमि का पट्टा दिया था,। लेकिन साल 1996 में रामसेवक तिवारी की जान चली गई। नियमानुसार यह जमीन फिर से शासकीय रिकॉर्ड में दर्ज होनी थी।
बताया गया कि साल 2013 में भू-माफियाओं ने मृत रामसेवक तिवारी को कागजों में जिंदा कर दिया, ना मृत्यु प्रमाण पत्र का सत्यापन हुआ ना ही राजस्व रिकॉर्ड का मिलान और उसी सरकारी जमीन की रजिस्ट्री निजी लोगों के नाम दर्ज कर दी गई। जब इसकी भनक स्थानीय निवासी ओमप्रकाश पाठक को लगी तो उन्होंने कानूनी लड़ाई लड़ी। जहां अदालत ने एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए। जिस पर बमीठा थाने में धांधू कुशवाहा, गिरजू कुशवाहा, कमलेश कुशवाहा, एस.एस. सिसोदिया, अमित जैन, बच्ची कुशवाहा और संतोष कुशवाहा के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और अन्य धाराओं में मामला दर्ज हुआ।
लेकिन साल 2025 में आरोपी हाईकोर्ट से जमानत लेकर बाहर आये, और एक बार फिर उसी जमीन को बेचने की फिराक में थे। जमीन को करीब दो करोड़ रुपये में जंगल कैंपस इंडिया लिमिटेड नाम की कंपनी को बेचने की कोशिश की गई, लेकिन पैसे ट्रांसफर और रजिस्ट्री की प्रक्रिया से पहले दस्तावेजों की जांच हो गई।जहां पूरा फर्जीवाड़ा सामने आ गया और थाने में शिकायत की गई। जिस पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज करते हुए आरोपियों की तलाश शुरू की है।
शिकायतकर्ता ओमप्रकाश पाठक ने बताया की 1972 में जब बांग्लादेश से युद्ध हुआ था तब फौजी रामसेवक तिवारी की वीरता को देखते हुए एक सरकारी जमीन पर सरकार ने पट्टा दिया था। उनको मिलने वाली जमीन को दो बार बेचा गया।
वहीं मामले में बमीठा थाना प्रभारी आशुतोष श्रोतीय ने जानकारी दी।