तीन बहनों का इकलौता भाई इस तरह मिला की विश्वास करना मुश्किल
तीन बहनों में इकलौता 19 साल का भाई अपने घर से यह कहकर निकलता है की किसी का कॉल आया है। बस यही उसके आखिरी शब्द थे इसके बाद उसका कुछ पता नहीं चला और जब मिला भी तो इस हाल में कई किसी को यकीन नहीं हुआ। उसकी डेड बॉडी रेलवे पुल के पास पड़ी मिली। परिजन घटना नहीं बल्कि इसे मर्डर मान रहे हैं। उन्होंने ऐसी आशंका जाहिर की है। हालांकि पुलिस इसे दुर्घटना मान रही है। मामला एमपी के छतरपुर जिले का है।
दरअसल कोतवाली थाना अंतर्गत कदारी रेलवे पुल के पास 19 साल के युवक उत्कर्ष राज तिवारी की डेड बॉडी मिलने से सनसनी फैल गई। मृतक के पिता ने आशंका जताते हुए एसपी को आवेदन सौंपकर उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उनके मुताबिक बीते 16 जनवरी की शाम करीब 6:30 बजे उत्कर्ष यह कहकर घर से निकला था कि किसी का कॉल आया है और वह अपने पिता को बस स्टैंड से बाइक से लेने जाएगा, किसी से फोन पर बात भी कर रहा था और परेशान था। देर रात तक जब वह घर नहीं लौटा, तो परिजनों ने उसकी खोजबीन शुरू की।
कोई जानकारी न मिलने पर सिटी कोतवाली छतरपुर में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई। अगले दिन 17 जनवरी की सुबह कदारी रेलवे पुल के पास उत्कर्ष की बॉडी और पास ही बाइक मिलने की सूचना सिविल लाइन पुलिस को दी गई। घटनास्थल के निरीक्षण में कई ऐसे तथ्य सामने आए, जिन्होंने पूरे मामले को संदिग्ध बना दिया। परिजनों के मुताबिक यह रेल दुर्घटना नहीं है। मृतक के दोनों जूते अलग-अलग स्थानों पर पड़े मिले, जबकि पैरों पर घिसाव के निशान नहीं थे, लेकिन पैर टूटा हुआ था।
कई ऐसी चीजें हैं। जो मारपीट कर मर्डर की ओर इशारा कर रही हैं। मामले में दोस्तों की भूमिका भी संदिग्ध बताई जा रही है। तीन बहनों के इकलौते भाई की जान जाने से पूरा परिवार सदमे में है। मृतक की बहन ने बताया की जब उसने उत्कर्ष के दोस्त रोहित पटेल से संपर्क किया तो उसने अंशिका उर्फ आकांक्षा मिश्रा से पूछने को कहा। बातचीत के दौरान अंशिका द्वारा टालमटोल किया। जिससे संदेह गहरा रहा है।
आवेदक महेंद्र तिवारी ने आवेदन सौंपते हुए उत्कर्ष के कुछ साथियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
मामले में सीएसपी अरुण सोनी का कहना है की ट्रेन के इंजन से टकराने पर युवक की जान चले जाने का मामला आया है पीएम कराया गया है साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्यवाई की जाएगी।