सागर जित्तू खरे के कार्यक्रम में मंच पर चढ़ने की कोशिश से मचा हंगामा, पुलिस को करना पड़ा बल प्रयोग, ऐरण में बेकाबू भीड़
मकर संक्रांति के पावन अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय सागर जिले के बीना में ऐरण महोत्सव के दूसरे दिन उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब प्रसिद्ध लोक गायक जित्तू खरे की प्रस्तुति के दौरान भीड़ अनियंत्रित हो गई। कार्यक्रम स्थल पर मौजूद हजारों दर्शकों में से कुछ युवकों ने बैरिकेड्स तोड़ते हुए मंच पर चढ़ने का प्रयास किया, जिससे हालात बिगड़ गए। स्थिति को संभालने के लिए मौके पर तैनात पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।बताया जा रहा है कि जैसे ही लोक गायक जित्तू खरे ने अपनी प्रस्तुति शुरू की, वैसे ही उनके प्रशंसकों की भीड़ मंच के करीब पहुंचने लगी। कुछ युवक उत्साह में बैरिकेड्स पर चढ़ गए और कुर्सियां तोड़ते हुए आगे बढ़ने लगे। पुलिसकर्मियों ने पहले उन्हें समझाने और पीछे हटाने का प्रयास किया, लेकिन जब भीड़ नहीं मानी और मंच की ओर बढ़ती रही, तो माहौल तनावपूर्ण हो गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इसी दौरान भीड़ और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा महिलाओं की ओर हूटिंग करने की भी शिकायत सामने आई है। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कुछ लोगों पर डंडों का इस्तेमाल कर भीड़ को पीछे हटाया, जिससे कार्यक्रम स्थल पर कुछ देर के लिए भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। हालांकि, आगासौद थाना प्रभारी नितिन पाल ने लाठीचार्ज की बात से साफ इनकार किया है। उनका कहना है कि कार्यक्रम के दौरान कुछ युवक मंच पर चढ़ने और कुर्सियां तोड़ने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस ने पहले समझाइश दी, लेकिन जब वे नहीं माने तो केवल हल्का बल प्रयोग किया गया। उन्होंने यह भी बताया कि किसी को गंभीर चोट नहीं आई है और स्थिति जल्द ही नियंत्रण में ले ली गई थी।
घटना के बाद कुछ देर के लिए कार्यक्रम बाधित रहा, लेकिन पुलिस और आयोजकों की सतर्कता से हालात संभाल लिए गए। ऐरण महोत्सव में हुई इस घटना ने भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस वीडियो फुटेज के आधार पर उपद्रव करने वालों की पहचान कर आगे की कार्रवाई की तैयारी कर रही है।