मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल से बदलेगी ज़िंदगी, केंद्रीय मंत्री ने 34 दिव्यांगजनों को बांटे सहायक उपकरण
दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में केंद्र सरकार की पहल जमीन पर साकार होती नजर आई, जब एमपी के सागर संभाग के टीकमगढ़ जिले के सुधासागर रोड स्थित एनएफडीसी द्वारा संचालित स्वावलंबन केंद्र में भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम लिमिटेड (एलिम्को), कानपुर के आसरा कार्यक्रम के तहत दिव्यांगजनों को सहायक उपकरणों का वितरण किया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार रहे। कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री ने दिव्यांगजनों से सीधा संवाद किया और सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने दिव्यांगों की समस्याएं सुनीं और भरोसा दिलाया कि सरकार उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है।
इस अवसर पर 17 दिव्यांगजनों को मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल, 15 दिव्यांगों को सामान्य साइकिल, 2 को कान की मशीन सहित अन्य आवश्यक सहायक उपकरण वितरित किए गए। कार्यक्रम की खास बात यह रही कि केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने स्वयं दिव्यांगजनों को मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल चलाना सिखाया, जिससे लाभार्थियों के चेहरे पर आत्मविश्वास और खुशी साफ नजर आई। अपने संबोधन में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल मिलने से दिव्यांगजन दैनिक जीवन के कार्य आसानी से कर सकेंगे, छोटे-मोटे रोजगार से अपनी आजीविका चला सकेंगे और आत्मसम्मान के साथ समाज में आगे बढ़ पाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल सहायता देना नहीं, बल्कि दिव्यांगजनों को स्वावलंबी और सशक्त बनाना है।
कार्यक्रम में कोऑपरेटिव बैंक के पूर्व अध्यक्ष विवेक चतुर्वेदी, सांसद प्रतिनिधि अनुराग वर्मा, स्वावलंबन केंद्र के संचालक चंद्रभान यादव सहित एलिम्को कानपुर के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में लाभार्थी दिव्यांगजनों ने सरकार और केंद्रीय मंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि यह सहायता उनके जीवन में नई दिशा और नई रफ्तार लेकर आई है।