सागर में शुद्ध पेयजल और योजनाओं की रफ्तार पर शासन की नजर, राजघाट जल आवर्धन परियोजना का निरीक्षण
सागर शहर में शुद्ध पेयजल आपूर्ति और नगरीय विकास से जुड़ी योजनाओं को लेकर शासन पूरी तरह गंभीर नजर आ रहा है। इसी क्रम में नगरीय विकास एवं आवास विभाग भोपाल के उप संचालक एवं सागर जिले के नोडल अधिकारी श्री हिमांशु भट्ट ने सागर प्रवास के दौरान नगर निगम आयुक्त श्री राजकुमार खत्री के साथ नगर निगम द्वारा संचालित विभिन्न केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं की गहन समीक्षा की। समीक्षा बैठक में सीवर प्रोजेक्ट, टाटा प्रोजेक्ट, अमृत योजना, स्वच्छ भारत मिशन और प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की विस्तार से जानकारी ली गई। नोडल अधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी योजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा किया जाए, ताकि आम नागरिकों को योजनाओं का वास्तविक लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
समीक्षा बैठक से पूर्व नगर निगम आयुक्त राजकुमार खत्री ने पुष्पगुच्छ भेंट कर नोडल अधिकारी हिमांशु भट्ट का स्वागत किया। बैठक में योजनाओं की प्रगति, आ रही चुनौतियों और उनके समाधान पर भी विस्तार से चर्चा की गई। बैठक के उपरांत नोडल अधिकारी श्री हिमांशु भट्ट ने नगर निगम आयुक्त के साथ राजघाट जल आवर्धन परियोजना का स्थल निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने जलशोधन संयंत्र, रॉ-वॉटर व्यवस्था और प्रयोगशाला का अवलोकन किया। साथ ही पानी की गुणवत्ता जांच की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी ली। श्री भट्ट ने अब तक की गई जल गुणवत्ता जांच का रिकॉर्ड भी स्वयं जांचा और शुद्ध एवं सुरक्षित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पेयजल की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए, क्योंकि यह सीधे नागरिकों के स्वास्थ्य से जुड़ा विषय है।
इस अवसर पर सहायक यंत्री संजय तिवारी, उपयंत्री रामाधार तिवारी, राहुल रैकवार, केमिस्ट कौतुकेय सिंह, एमपीयूडीसी के आकाश अग्रवाल सहित टाटा प्रोजेक्ट के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। यह निरीक्षण न केवल योजनाओं की प्रगति को गति देने वाला है, बल्कि सागरवासियों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी माना जा रहा है।