दो युवतियों ने रचाई शादी, थाने में हाई वोल्टेज ड्रामा, अजब प्रेम की गजब कहानी
एमपी के सागर संभाग के छतरपुर जिले से प्रेम और सामाजिक टकराव की एक अनोखी और चौंकाने वाली कहानी सामने आई है। सिविल लाइन थाना क्षेत्र में दो युवतियों के समलैंगिक प्रेम विवाह का मामला सामने आने के बाद पूरे इलाके में चर्चा का माहौल बन गया। मामला तब हाई वोल्टेज ड्रामे में बदल गया, जब दोनों युवतियां अपनी सुरक्षा और कानूनी प्रक्रिया के लिए थाने पहुंचीं और कुछ ही देर में उनके परिजन भी वहां पहुंच गए।
जानकारी के अनुसार, दोनों युवतियां पिछले करीब पांच वर्षों से एक-दूसरे के संपर्क में थीं और एक-दूसरे को जीवनसाथी के रूप में स्वीकार कर चुकी थीं। 12 जनवरी को दोनों युवतियां धार्मिक आस्था के केंद्र बागेश्वर धाम पहुंचीं, जहां उन्होंने एक-दूसरे के साथ जीवन भर साथ निभाने का संकल्प लेते हुए शादी रचाई। इसके बाद उन्होंने अपने रिश्ते को लेकर पुलिस से सुरक्षा और मार्गदर्शन की मांग की।
मंगलवार को दोनों युवतियां सिविल लाइन थाने पहुंचीं और आवेदन देकर बताया कि वे बालिग हैं और अपनी मर्जी से साथ रहना चाहती हैं। इसी दौरान जब इस बात की जानकारी उनके परिजनों को लगी, तो वे भी थाने पहुंच गए। परिजनों ने दोनों युवतियों को अलग-अलग करने और अपने साथ घर ले जाने की कोशिश की, जिस पर थाने परिसर में तनाव की स्थिति बन गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, परिजन लगातार समझाइश और दबाव बनाते रहे, लेकिन दोनों युवतियां एक-दूसरे से अलग होने को तैयार नहीं थीं। काफी देर तक चले विवाद और हंगामे के बाद, परिजन जबरदस्ती दोनों को अलग-अलग कर अपनी-अपनी बाइक से घर ले गए। इस दौरान युवतियां भावुक नजर आईं और पुलिस से मदद की गुहार लगाती रहीं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों युवतियां कानूनी रूप से बालिग हैं और उन्हें अपनी पसंद से जीवन जीने का अधिकार है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और सभी पक्षों से जानकारी जुटाई जा रही है। अरुण सोनी, सीएसपी ने बताया कि दोनों युवतियां बालिग हैं। उन्होंने थाने में आवेदन दिया है। पुलिस द्वारा पूरे मामले की जानकारी ली जा रही है और कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।” यह मामला एक बार फिर समाज में प्रेम, व्यक्तिगत स्वतंत्रता और सामाजिक स्वीकार्यता को लेकर बहस को तेज कर रहा है।