Sagar- नालियों में कचरा डालने वालों पर निगमायुक्त सख्त, सागर को टॉप पर लाने की तैयारी
स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 के तहत सागर शहर को स्वच्छ, सुंदर और देश के अग्रणी शहरों की श्रेणी में लाने के लिए नगर निगम ने कमर कस ली है। नगर निगम आयुक्त श्री राजकुमार खत्री के निर्देश पर शहरभर में स्वच्छता से जुड़ी गतिविधियां तेज कर दी गई हैं। इसी क्रम में बुधवार को निगमायुक्त ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों का औचक निरीक्षण कर सफाई व्यवस्था और सौंदर्यीकरण कार्यों का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान कई वार्डों में नालियों के भीतर घरेलू कचरा पड़ा हुआ पाया गया। इस पर निगमायुक्त ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए अधिकारियों को फटकार लगाई। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि नालियों में कचरा डालना न केवल गंदगी फैलाता है, बल्कि जलभराव और बीमारियों की बड़ी वजह भी बनता है।
निगमायुक्त ने सभी जोन प्रभारियों को सख्त निर्देश दिए कि यदि किसी भी वार्ड में नालियों में घरेलू कचरा फेंकते हुए पाया जाए तो संबंधित व्यक्ति की पहचान कर तुरंत चालानी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि स्वच्छ सर्वेक्षण के दौरान लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी और शहर को गंदा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
निरीक्षण के दौरान चकराघाट क्षेत्र पर विशेष ध्यान दिया गया। मकर संक्रांति के अवसर पर यहां लगने वाले मेले को देखते हुए निगमायुक्त ने सफाई व्यवस्था चाक-चौबंद रखने के निर्देश दिए। साथ ही नवग्रह मंडपम की नियमित धुलाई कराने और तालाब में कचरा फेंकने वालों पर सख्त निगरानी रखने के आदेश भी दिए गए।
इसके अलावा, जिन सड़कों के किनारे धूल जमा रहती है, वहां फेवर ब्लॉक लगाने के निर्देश दिए गए, ताकि धूल की समस्या से निजात मिल सके और नागरिकों को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराया जा सके। स्वच्छ सर्वेक्षण के अंतर्गत “कबाड़ से जुगाड़” थीम पर बनाई जा रही कलाकृतियों का भी निगमायुक्त ने निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को इन कार्यों में तेजी लाने और नवाचार के साथ शहर को आकर्षक स्वरूप देने के निर्देश दिए। नगर निगम का स्पष्ट संदेश है—स्वच्छ सागर, सुंदर सागर। प्रशासन के साथ नागरिकों की सहभागिता से ही स्वच्छ सर्वेक्षण में बेहतर रैंक हासिल की जा सकती है।