सागर कलेक्टर की संवेदनशीलता के चारों तरफ चर्चे, प्रोटोकॉल तोड़, हाईरिस्क गर्भवती महिला के घर पहुंचे
सरकारी दौरों में सड़कों की गुणवत्ता और दफ्तर की फाइलों का हिसाब-किताब देखा जाता है, लेकिन सागर कलेक्टर संदीप जीआर ने प्रशासनिक संवेदनशीलता की एक नई परिभाषा लिखी है उनके इस अंदाज को देख संवेदनशीलता के चर्चे हो रहे हैं. यह सब देखने को मिला रहली विकासखंड के ग्राम पिपरिया नरसिंह में, जहां कलेक्टर ने न केवल प्रोटोकॉल तोड़ा, बल्कि एक हाई रिस्क गर्भवती महिला के घर पहुंचकर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली।
क्षेत्रीय भ्रमण के दौरान जब कलेक्टर संदीप जीआर को हाई रिस्क गर्भवती महिला कीर्ति गोंड के बारे में जानकारी मिली, तो उन्होंने अपना काफिला रुकवाया और संकरी पगडंडियों से होते हुए उनके घर जा पहुंचे। वहां पहुंचकर कलेक्टर ने किसी सख्त अधिकारी की तरह नहीं, बल्कि परिवार के एक बड़े भाई और अभिभावक की तरह कीर्ति से संवाद किया। उन्होंने बारीकी से स्वास्थ्य कार्ड की जांच की और आत्मीयता से पूछा- भोजन में फल और दूध ले रही हो न? डॉक्टर ने जो दवाएं दी हैं, उन्हें समय पर खाना। कलेक्टर की इस सहजता ने परिवार के डर को आश्वस्तता में बदल दिया।
इस मुलाकात के दौरान एक भावुक पल तब आया जब कीर्ति की पहली छोटी बेटी पास आकर खड़ी हो गई। कलेक्टर ने तुरंत उसे गोद में उठा लिया, दुलार किया और उसे चॉकलेट भेंट की। ग्रामीणों को संबोधित करते हुए उन्होंने एक बड़ा सामाजिक संदेश देते हुए कहा कि, बेटियां घर की रौनक, मान और असली शान होती हैं। उनका सुरक्षित जन्म और बेहतर भविष्य सुनिश्चित करना केवल परिवार की नहीं, बल्कि हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है।
Anchor- संवेदनशीलता के साथ-साथ कलेक्टर ने प्रशासनिक कसावट भी दिखाई। उन्होंने बीएमओ (BMO) और स्थानीय स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को स्पष्ट निर्देश दिए कि रियल-टाइम मॉनिटरिंग हो, कीर्ति गोंड जैसी सभी हाई रिस्क माताओं की सूची बनाकर उनकी हर दिन की स्थिति ट्रैक की जाए।
प्रसव के समय 108 एम्बुलेंस की उपलब्धता में एक मिनट की भी देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकारी योजनाओं के तहत मिलने वाला पौष्टिक आहार और आर्थिक सहायता सीधे हितग्राही तक समय पर पहुंचे।
कलेक्टर संदीप जीआर की इस पहल की पूरे जिले में सराहना हो रही है। लोगों का कहना है कि जब जिले का मुखिया खुद जमीन पर उतरकर अंतिम पंक्ति के व्यक्ति की सुध लेता है, तो तंत्र में जवाबदेही और संवेदनशीलता अपने आप बढ़ जाती है।