शिक्षा विभाग में चपरासी संभाल रहे करोडों का लेखा जोखा, बाबू को बैठाकर चपरासी कर रहे दफ्तर का काम !
सरकारी दफ्तर में गजब हो गया। जहां बाबू को चपरासी बना दिया तो चपरासी को बाबू, जी हां यह बात सुनने में बड़ी अजीब सी है लेकिन मुरैना जौरा BEO कार्यालय में ऐसा ही कुछ कारनामा किया जा रहा है जहां चपरासी करोड़ों रुपये का लेखा जोखा संभाल रहे हैं। जब इसकी शिकायत कलेक्टर के पास पहुंची तो हड़कंप मच गया, इस बात के जांच के आदेश भी दिए गए। हैरान कर देने वाला ये पूरा मामला मुरैना जिले के जौरा से सामने आया जहां शिक्षा विभाग में नियमों को ताक पर रखकर काम किये जा रहे हैं। दरअसल बीईओ दफ्तर में अनियमितताओं और गड़बड़ियों के आरोप लग रहे हैं। यहां दो बाबू पदस्थ होने के बावजूद, बिल, भुगतान और वित्तीय लेन-देन जैसे जरूरी काम चपरासियों से कराए जा रहे हैं। आरोप है कि अधिकृत बाबू को कार्यालय के बाहर घंटों बैठाया जा रहा है। जबकि भृत्यों को अंदर बैठाकर करोड़ों रुपये से जुड़े सरकारी काम सौंपे गए हैं।
मिली जानकारी के मुताबिक मूल रूप से स्कूलों में पदस्थ चपरासी बीते करीब 5 महीनों से अवैध रूप से बीईओ कार्यालय में अटैच हैं। पूरा लेखा-जोखा वही संभाल रहे हैं। यह न सिर्फ विभागीय नियमों का उल्लंघन है। बल्कि वित्तीय गड़बड़ी की आशंका को भी जाहिर करता है। दफ्तर में पदस्थ विकास सिंह सहायक ग्रेड -3 ने भी गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप है कि उनको दफ्तर के बाहर बैठाया जाता है। जबकि एक भृत्य से दफ्तर में वित्तीय मामलों से जुड़े कार्य कराए जा रहे हैं। उन्होंने इसकी शिकायत डीईओ कार्यालय और कलेक्टर से भी की है।
वहीं जब इस पूरे मामले की शिकायत कलेक्टर तक पहुंची तो शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया। जिला शिक्षा अधिकारी ने मामले की जांच के लिए समिति गठित की है। अधिकारियों की माने तो जांच रिपोर्ट के आधार पर जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।