सागर- बीना रिफायनरी के 5 किलोमीटर के दायरे में नो डेवलपमेंट एरिया घोषित, लोगों में जमकर गुस्सा
सागर- बीना रिफायनरी के 5 किलोमीटर के दायरे में नो डेवलपमेंट एरिया घोषित, लोगों में जमकर गुस्सा
सागर जिले के बीना में बीपीसीएल रिफाइनरी के आसपास पांच किलोमीटर के दायरे में नो डेवलपमेंट एरिया घोषित किया गया है। जिससे लोगों में जमकर गुस्सा बना हुआ है। इस आदेश को वापस लेने की मांग की जा रही है।
आदेश निरस्त करने की मांग को लेकर रिफाइनरी के आसपास के दर्जनों गांवों से आए लोगों ने तहसील परिसर में रिफाइनरी प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कलेक्टर के नाम तहसीलदार अंबर पंथी को ज्ञापन सौंपा है। लोगों ने बताया कि बीना शहर के पास रिफाइनरी स्थित है। इसके चारों ओर कई गांव स्थित है। इन गांवों में बड़ी संख्या में लोग निवास करते हैं। बीना रिफाइनरी के अवैधानिक आवेदन पर सागर कलेक्टर के द्वारा एक विवादस्पद आदेश 31 मार्च 2009 के माध्यम से रिफाइनरी क्षेत्र के पांच किलोमीटर की परिधि में नो डेवलपमेंट जोन बनाकर निर्माण और विकास संबंधी गतिविधियों को रोक दिया गया। इस आदेश का कोई विधिक आधार नहीं है। तत्कालीन संचालक नगर और ग्राम निवेश के.के सिंह द्वारा अपने पत्र 29 जून 2000 में कानून के अभाव में नो डेवलपमेंट जोन बनाने संबंधी प्रस्ताव को निरस्त करने का अभिमत दिया गया था। इस आदेश को भी नहीं माना गया। इस विवादस्पद आदेश के कारण सैकड़ों ग्रामीण अपने मौलिक और संवैधानिक अधिकारों से वंचित हो रहे हैं। ग्रामीणों के मुताबिक वह लोग अपने घरों का छप्पर तक भी नहीं बनवा पा रहे हैं। छप्पर बनाने या सुधारने का प्रयास करते हैं तो रिफाइनरी प्रबंधन द्वारा शिकायत करा दी जाती है। खुद के घरों में किसी तरह की मरम्मत कराना भी गुनाह हो गया है।
वहीं दूसरी ओर रिफाइनरी विस्तार के नाम पर इस क्षेत्र में कई उद्योग और संयंत्र रिफाइनरी प्रबंधन के द्वारा लगवाए जा रहे हैं। ऐसे दोहरे मापदंडों के कारण पूरी जनता आक्रोशित है। नो डेवलपमेंट जोन वाले क्षेत्र में करीब 60 गांव के लोग बड़ी संख्या में निवास करते हैं। इस क्षेत्र में रिफाइनरी की आवासीय कॉलोनी भी स्थित है। ग्रामीणों ने रिफाइनरी के चारों तरफ 5 किलोमीटर की क्षेत्र को नो डेवलपमेंट संबंधी आदेश को निरस्त करने की मांग को लेकर तहसील परिसर में जमकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया।