अवैध खनन पर कलेक्टर का सख्त प्रहार, 13.07 करोड़ की राजस्व क्षति का प्रकरण दर्ज, खनन माफिया में हड़कंप
अवैध खनन पर कलेक्टर का सख्त प्रहार, 13.07 करोड़ की राजस्व क्षति का प्रकरण दर्ज, खनन माफिया में हड़कंप
एमपी के सागर संभाग के छतरपुर जिले में अवैध खनन के खिलाफ प्रशासन ने अब निर्णायक रुख अपना लिया है। कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने खनन माफियाओं पर शिकंजा कसते हुए एक बड़ी कार्रवाई की है। गौरिहार तहसील अंतर्गत बंदौरा कला गांव में स्वीकृत खदान की आड़ में पत्थर और बोल्डर का अंधाधुंध अवैध खनन कर शासन को 13 करोड़ 7 लाख 88 हजार रुपये की राजस्व क्षति पहुंचाने के मामले में जय भद्रकाली ग्रेनाइट के संचालक राजेश मंगल के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है। इस कार्रवाई के बाद जिलेभर में खनन कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है। जानकारी के अनुसार, खनिज संचालनालय से प्राप्त इनपुट के आधार पर बंदौरा कला स्थित खसरा नंबर 182, रकबा 2.250 हेक्टेयर में बड़े पैमाने पर अवैध खनन की शिकायत सामने आई थी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए खनिज विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर विस्तृत जांच की। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि स्वीकृत खनन सीमा से कहीं अधिक क्षेत्र में पत्थर और बोल्डर का उत्खनन किया गया, जिससे शासन को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ।
खनिज विभाग द्वारा तैयार की गई जांच रिपोर्ट को कलेक्टर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां तथ्यों की पुष्टि के बाद जय भद्रकाली ग्रेनाइट के संचालक के खिलाफ विधिवत प्रकरण दर्ज करने के आदेश दिए गए। कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने संचालक को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय-सीमा में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने की स्थिति में एकपक्षीय कठोर कार्रवाई की जाएगी, जिसमें भारी जुर्माना और अन्य दंडात्मक प्रावधान शामिल हो सकते हैं। प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि यह कार्रवाई जिले में अवैध खनन के खिलाफ एक नजीर साबित होगी। कलेक्टर ने साफ संदेश दिया है कि खनिज संपदा की लूट किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नियमों को ताक पर रखकर खनन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे। वहीं खनिज विभाग के अधिकारी अमित मिश्रा ने बताया कि जिले में अवैध खनन पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और भविष्य में भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी। प्रशासन की इस सख्ती से आमजन में यह विश्वास जगा है कि सरकारी राजस्व और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के लिए अब ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।