Sagar- 82 प्रजातियों के जलीय पक्षियों की खोज, प्रवासी परिंदों ने बढ़ाया रोमांच
मध्य प्रदेश में पहली बार एशियन वाटर बर्ड्स सेंसस 2026 का आयोजन किया गया. पक्षी गणना के इस कार्यक्रम के तहत सागर के दक्षिण वन मंडल में भी दो दिनों तक आयोजन हुआ. इस गणना में करीब 82 प्रकार के जलीय पक्षी पाए गए. जिसमे प्रवासी पक्षियों की संख्या ज्यादा रही, साथ ही दुर्लभ प्रजाति के पक्षी भी देखने को मिले,
दक्षिण वनमंडल सागर की एसडीओ रेखा पटेल ने बताया कि गणना में प्रवासी एशियाई जलीय पक्षियों की कुछ दुर्लभ प्रजातियाँ जैसे रिवर टर्न, रूडी सेल डक, लिटिल रिंग्ड प्लोवर, साइवेरियन स्टोन चेट, बुलीनेक स्टॉर्क, ब्लैक रेड स्टार्ट, रेड नेप्ड आईविस एवं ब्लेक हेडिड आईविस को देखा गया इस गणना का उद्देश्य एशियाई जलीय पक्षियों के संरक्षण की योजना तैयार करना है. गणना के तहत वनमंडल, संरक्षित वन और दूसरे जलस्त्रोतों में पक्षियों की गणना की गयी. उनके प्राकृतिक आवास, प्रजाति, विविधता का आकलन किया गया.
गणना से पहले वन मंडलों में ऐसे तालाब चिन्हित किए गए थे. यहां पर प्रवासी या स्थानीय पक्षी आते हैं दक्षिण वन मंडल में इस तरह के 9 तालाब में सुबह 7:00 बजे से मॉनिटरिंग की गई पक्षियों की प्रजातियां को पहचान गया प्रजाति के हिसाब से संख्या को नोट किया गया और यह कहां मिली है उसे तालाब की बॉर्डर बॉडी की पारिस्थितिक स्थितियों को भी ऑब्जर्व किया गया है. इस सेंटेंस में 82 प्रजाति के पक्षी मिले दिन में ज्यादातर प्रवासी पक्षी शामिल है.