सागर- फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र पर EOW की बड़ी चोट, PHE के तत्कालीन ईई और फर्म पर एफआईआर दर्ज
सागर जिले में फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र के जरिए सरकारी टेंडर हासिल करने के मामले में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ EOW सागर ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग PHE दमोह के तत्कालीन कार्यपालन यंत्री ईई एमके उमरिया और पन्ना की फर्म मेसर्स अमन इंटरप्राइजेज के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। यह कार्रवाई जांच में शिकायत सही पाए जाने के बाद की गई है, जिससे विभागीय भ्रष्टाचार की गंभीर तस्वीर सामने आई है। यह पूरा मामला आवेदक सम्यक जैन और मनन अग्रवाल द्वारा EOW सागर में की गई शिकायत के बाद उजागर हुआ। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि बिना कोई शासकीय कार्य किए एक फर्म को अनुभव प्रमाण पत्र जारी किया गया, जिसका उपयोग कर उसने दूसरे जिले में टेंडर हासिल कर लिया। जांच में यह आरोप पूरी तरह प्रमाणित पाए गए।
EOW की जांच में खुलासा हुआ कि दमोह जिले में PHE विभाग द्वारा जारी टेंडर क्रमांक 31/21-22 मेसर्स उमापति ड्रिलर्स को आवंटित किया गया था। निर्धारित शर्तों के अनुसार फर्म ने कार्य पूर्ण किया, जिसके बाद उसे विधिवत कार्यपूर्णता प्रमाण पत्र भी जारी किया गया। इसके बावजूद तत्कालीन कार्यपालन यंत्री एमके उमरिया ने वर्ष 2022 में नियमों को ताक पर रखकर मेसर्स अमन इंटरप्राइजेज को अनुभव प्रमाण पत्र जारी कर दिया, जबकि इस फर्म ने न तो कोई टेंडर लिया था और न ही विभाग के साथ उसका कोई अनुबंध था। जांच में यह भी सामने आया कि यह पूरा मामला एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा था। तत्कालीन ईई एमके उमरिया ने अमन इंटरप्राइजेज के प्रोप्राइटर अमन ओमरे के साथ मिलीभगत कर फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र जारी किया। इसी फर्जी दस्तावेज का उपयोग कर फर्म ने पन्ना जिले में सरकारी टेंडर प्राप्त किया।
EOW सागर ने तत्कालीन कार्यपालन यंत्री एमके उमरिया, अमन इंटरप्राइजेज के प्रोप्राइटर अमन ओमरे और संबंधित फर्म के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। EOW अधिकारियों के अनुसार प्रकरण की विस्तृत जांच जारी है और यदि जांच में किसी अन्य अधिकारी या कर्मचारी की भूमिका सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।