मुंह पर पट्टी बांधकर जनसुनवाई में पहुंचे किसान, राहत राशि में करोड़ों के घोटाले का आरोप
जब जनसुनवाई में अचानक किसान पहुंचे तो अजीब स्थिति बन गयी। कुछ किसानों के मुंह पर काल पट्टी बंधी हुई थी। किसी को कुछ समझ नहीं आ रहा था कि आखिर क्या मामला है। पूछने पर सामने आया की यह वो किसान हैं जिनके साथ बीते कुछ साल पहले सूखा राहत राशि में घोटाला हुआ है।
किसानों के अनोखे विरोध प्रदर्शन का ये मामला छतरपुर जिले से सामने आया है। और अजीबोगरीब स्थिति तब बनी जब जनसुनवाई में दो दर्जन से भी ज्यादा किसान अपने मुंह पर काली पट्टी बांधकर पहुंचे थे। जिन्होंने वहां बैठे अधिकारियों को ज्ञापन देते हुये आरोप लगाये कि 2017 और 2018 मे सूखा राहत की राशि में घोटाला हुआ है। पीड़ित किसानों के खातों में डाली जाने वाली राशि को दूसरे के खातों में डालकर धोखाधड़ी की है।
लेकिन कलेक्टर के जांच के आदेश देने के बावजूद अभी तक जांच पूरी नही हुई है। जिले की सभी तहसीलों में इसी तरह की धोखाधड़ी कर करोड़ों रूपये का घोटाला हुआ है। पीड़ित किसानों के साथ पहुंची काग्रेंस की नेत्री का आरोप है की उन्होंने कलेक्टर को इस मामले की शिकायत दी थी। कलेक्टर ने जिस अधिकारी को जांच टीम में रखा। उससे तहसील में मौजूद तहसीलदार इस मामले के दस्तावेज उपलब्ध नही करा रहा है।
वहीं इसको लेकर डिप्टी कलेक्टर का कहना है। की इस मामले में जांच में गड़बड़ी मिलने पर कारवाई हुई है। लेकिन अभी उनके पास यह मामला आया है जिसे उन्होंने दिखवाने की बात कही।