सागर- घर-घर पहुंचकर पानी की जांच, गंदे पानी पर सख्ती, निगमायुक्त का वार्ड निरीक्षण |SAGAR TV NEWS|
सागर नगर निगम आयुक्त राजकुमार खत्री ने शहर में स्वच्छ पेयजल और बेहतर नागरिक सेवाओं को लेकर मोर्चा संभाल लिया है। मंगलवार को निगमायुक्त ने गुरु गोविंद सिंह वार्ड और विट्ठल नगर वार्ड का निरीक्षण कर घर-घर पहुंचकर पानी की गुणवत्ता की जांच कराई और नागरिकों को स्वच्छ पेयजल उपयोग को लेकर जागरूक किया। निरीक्षण के दौरान निगमायुक्त ने नागरिकों से अपील की कि जितनी आवश्यकता हो उतना ही पानी उपयोग करें और व्यर्थ पानी न बहाएं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि खुले नल कनेक्शन स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा हैं। सप्लाई बंद होने के बाद खुले नल गंदा पानी खींच सकते हैं, जिससे गंभीर बीमारियां फैलने की आशंका रहती है। इसलिए हर नल में टोंटी लगाकर उसे बंद रखें।
निगमायुक्त ने खासतौर पर उन नागरिकों को समझाइश दी जिनकी पानी की पाइपलाइन नालियों से होकर गुजर रही है। उन्होंने कहा कि ऐसी पाइपलाइन में नालियों का गंदा पानी जाने की पूरी संभावना रहती है, इसलिए इन्हें तुरंत स्वच्छ स्थान पर शिफ्ट कराया जाए। साथ ही वार्डवासियों से आग्रह किया कि वे अपने घरों के आसपास किसी भी स्थिति में गंदगी जमा न होने दें और दूसरों को भी स्वच्छता के लिए प्रेरित करें। इसी कड़ी में निगमायुक्त ने सभी कर संग्राहकों और स्वच्छता निरीक्षकों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने वार्डों में नागरिकों को कुओं और हैंडपंप के पानी का पेयजल के रूप में उपयोग न करने के लिए जागरूक करें। उन्होंने कहा कि जलप्रदाय योजना लागू होने और सेप्टिक टैंकों के निर्माण के बाद कुओं-हैंडपंप का पानी पीने योग्य नहीं रह गया है। यदि कहीं मजबूरी में उपयोग किया जा रहा है तो पहले जलप्रदाय विभाग की प्रयोगशाला में जांच कराना अनिवार्य होगा।
इसके साथ ही निगमायुक्त ने सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा बैठक लेकर सभी विभागों को शिकायतों का समय-सीमा में संतोषजनक निराकरण करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी स्वयं मौके पर जाकर शिकायतकर्ता से संवाद करें। लापरवाही पर सख्त कार्रवाई होगी। निगमायुक्त ने बकाया कर वसूली में तेजी लाने और बड़े बकायादारों पर तालाबंदी की कार्रवाई के भी निर्देश दिए। साफ है कि सागर में अब स्वच्छ जल, स्वच्छता और जवाबदेही को लेकर प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में है।