Sagar- भावांतर भुगतान को लेकर किसानों का फूटा गुस्सा ! शाहगढ़ में उमड़ा किसान सैलाब, आंदोलन की चेतावनी
भावांतर योजना की राशि नहीं मिलने से नाराज किसानों का आक्रोश बुधवार को खुलकर सामने आ गया। दोपहर करीब दो बजे सैकड़ों किसान तहसील कार्यालय पहुंचे, जहां ब्लॉक कांग्रेस कमेटी एवं पूर्व विधायक तरवर सिंह लोधी के नेतृत्व में किसानों ने जोरदार प्रदर्शन किया। किसानों ने अनुविभागीय अधिकारी नवीन सिंह को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए सात दिन के भीतर भावांतर राशि खातों में डालने की मांग की है।
सागर जिले के शाहगढ़ तहसील कार्यालय परिसर में किसान मेले जैसा माहौल नजर आया। किसानों का कहना है कि 28 दिसंबर को प्रदेश भर के किसानों को भावांतर योजना की राशि का भुगतान कर दिया गया, लेकिन शाहगढ़ कृषि उपज मंडी में सोयाबीन बेचने वाले किसानों को अब तक एक भी रुपया नहीं मिला है।
इससे किसानों में भारी नाराजगी है और वे खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। किसानों ने सवाल उठाया कि आखिर शाहगढ़ तहसील क्षेत्र के किसानों के साथ भेदभाव क्यों किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सोयाबीन की फसल बेचने के बाद भी जब समय पर भावांतर की राशि नहीं मिलती, तो खेती की लागत निकालना मुश्किल हो जाता है। खाद, बीज, सिंचाई और कर्ज की चिंता किसानों को आंदोलन के लिए मजबूर कर रही है।
पूर्व विधायक तरवर सिंह लोधी ने प्रशासन और सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि भावांतर योजना किसानों के हित में बनाई गई थी, लेकिन शाहगढ़ के किसानों को इससे वंचित रखा जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सात दिवस के भीतर किसानों के खातों में भावांतर की राशि जमा नहीं की गई, तो ब्लॉक कांग्रेस कमेटी किसानों के साथ मिलकर आमरण अनशन और उग्र आंदोलन शुरू करेगी। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह सिर्फ किसानों की आर्थिक समस्या नहीं, बल्कि उनके सम्मान का सवाल है। यदि प्रशासन ने समय रहते समाधान नहीं किया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
अनुविभागीय अधिकारी नवीन सिंह ने किसानों को आश्वासन दिया कि ज्ञापन मुख्यमंत्री तक पहुंचाया जाएगा और संबंधित विभाग से बात कर समस्या के समाधान के प्रयास किए जाएंगे। हालांकि किसानों ने स्पष्ट कर दिया है कि अब वे सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि खाते में राशि देखना चाहते हैं। फिलहाल, ज्ञापन सौंपने के बाद किसान शांतिपूर्वक लौट गए, लेकिन चेतावनी दे गए कि यदि भावांतर की राशि समय पर नहीं मिली, तो शाहगढ़ तहसील आंदोलन का केंद्र बनेगी।