करकड़ाती ठंड में भी पानी को तरसे लोग! 10 दिन से बंद मणिखेड़ा सप्लाई ने बढ़ाई मुश्किलें
कड़ाके की ठंड के बीच एमपी के शिवपुरी शहर के लोग इन दिनों पानी की गंभीर किल्लत से जूझ रहे हैं। बीते करीब 10 दिनों से नगर पालिका द्वारा मणिखेड़ा जल सप्लाई बंद किए जाने से शहर के अधिकांश इलाकों में पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है। हालात ऐसे हैं कि सुबह होते ही लोग कटियां और बर्तन लेकर नलकूपों और हैंडपंपों की ओर दौड़ लगा रहे हैं। शहरवासियों का कहना है कि ठंड के इस मौसम में भी नगर पालिका लोगों को पीने का पानी तक मुहैया नहीं करा पा रही है। बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई मोहल्लों में तो दिनभर एक बूंद पानी भी नलों से नहीं टपक रहा, जिससे दैनिक जरूरतें पूरी करना भी मुश्किल हो गया है।
जानकारी के अनुसार शिवपुरी शहर के अधिकांश हिस्सों में मणिखेड़ा योजना के तहत पानी की आपूर्ति की जाती है। ग्वालियर बायपास क्षेत्र में पाइपलाइन फूटने के बाद नगर पालिका ने मेंटेनेंस का हवाला देते हुए मणिखेड़ा की सप्लाई पूरी तरह रोक दी। स्थानीय लोगों का आरोप है कि लाइन फूटने की मरम्मत के नाम पर 10 दिनों से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक पानी की नियमित सप्लाई बहाल नहीं की गई है। पानी नहीं मिलने से शहर के कई इलाकों में हालात दिन-ब-दिन बिगड़ते जा रहे हैं। लोग मजबूरी में निजी टैंकरों से महंगे दामों पर पानी खरीदने को विवश हैं, जबकि गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों के लिए यह अतिरिक्त खर्च भारी पड़ रहा है। कई स्थानों पर नलकूपों पर लंबी-लंबी कतारें लग रही हैं, जिससे आपसी विवाद की स्थिति भी बन रही है।
स्थानीय निवासी संजीव ने बताया कि ठंड के मौसम में भी सुबह-सुबह पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि नगर पालिका को जल्द से जल्द वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि लोगों को राहत मिल सके। उनका कहना है कि अगर मेंटेनेंस में समय लग रहा है, तो टैंकरों के माध्यम से नियमित जल आपूर्ति की जानी चाहिए। फिलहाल, शहरवासियों की निगाहें नगर पालिका प्रशासन पर टिकी हुई हैं। लोगों की मांग है कि मणिखेड़ा की सप्लाई तत्काल शुरू की जाए या फिर वैकल्पिक जल व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। अब देखना यह होगा कि नगर पालिका इस गंभीर समस्या को लेकर कितनी जल्दी ठोस कदम उठाती है, या फिर शिवपुरीवासी यूं ही ठंड में पानी के लिए परेशान होते रहेंगे।