सागर- जंगली जानवरों से त्रस्त किसान सड़क पर उतरे, खुरई में मुआवजे की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन
सागर जिले के खुरई क्षेत्र के पहाड़ी इलाकों से लगे दर्जनों गांवों में जंगली जानवरों का आतंक किसानों के लिए गंभीर संकट बनता जा रहा है। फसलों को हो रहे भारी नुकसान से परेशान सैकड़ों किसानों ने एकजुट होकर प्रदर्शन किया और रैली निकालते हुए नायब तहसीलदार सुरेश सोनी को ज्ञापन सौंपा। किसानों ने जंगली जानवरों से हुई फसल क्षति का तत्काल सर्वे कराकर मुआवजा राशि दिलाने की मांग की है। पहाड़ी इलाकों के आसपास बसे गांवों के किसान बड़ी संख्या में पतालिया हनुमान मंदिर परिसर में एकत्रित हुए। यहां से किसान नेता गजेंद्र सिंह ठाकुर के नेतृत्व में रैली के रूप में किसान एसडीएम कार्यालय पहुंचे। रैली के दौरान किसानों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी पीड़ा खुलकर रखी।
किसानों ने बताया कि इस समय रबी सीजन की फसलें अपनी बढ़त पर हैं। गेहूं, चना, मसूर सहित अन्य फसलें नाजुक अवस्था में हैं और इस दौरान अगर पौधों को नुकसान पहुंचता है तो फसल पूरी तरह नष्ट हो जाती है। ऐसे में जंगली जानवरों की लगातार घुसपैठ किसानों की मेहनत पर पानी फेर रही है। किसानों का कहना है कि पहाड़ी इलाकों से सटे गांवों में नीलगाय, हिरण, जंगली सुअर, बंदर और आवारा मवेशी रात-दिन खेतों में घुसकर फसलों को तबाह कर रहे हैं। कई किसानों की तो पूरी-पूरी फसल बर्बाद हो चुकी है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति पर गहरा असर पड़ा है। किसानों ने प्रशासन से मांग की कि फसल नुकसान का तुरंत सर्वे कराया जाए और प्रभावित किसानों को राहत राशि दी जाए।
इसके साथ ही किसानों ने पंचायत स्तर पर गौशालाओं की स्थापना की मांग भी उठाई, ताकि आवारा मवेशियों से होने वाले नुकसान को रोका जा सके। किसानों का कहना है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ सकते हैं। नायब तहसीलदार सुरेश सोनी ने किसानों को आश्वासन दिया कि ज्ञापन को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा और नियमों के तहत आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल किसानों का यह आंदोलन प्रशासन के लिए एक बड़ा संदेश है। अब देखने वाली बात यह होगी कि जंगली जानवरों से फसलों को बचाने और किसानों को राहत देने के लिए प्रशासन कितनी जल्दी और कितनी प्रभावी कार्रवाई करता है।