सागर- रहली महोत्सव में गूंजी दोस्ती की धुन, ‘ये दोस्ती हम नहीं छोड़ेंगे’ पर झूमा पूरा पंडाल
सागर जिले के रहली महोत्सव की सांस्कृतिक संध्या उस वक्त इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गई, जब मंच से दोस्ती की अमर धुन “ये दोस्ती हम नहीं छोड़ेंगे” गूंज उठी। सुर, ताल और भावनाओं के इस संगम ने पूरे पंडाल को झूमने पर मजबूर कर दिया। दर्शकों की तालियों और मोबाइल फ्लैशलाइट की रौशनी में यह पल हर किसी के दिल में बस गया। कार्यक्रम में बॉलीवुड की प्रसिद्ध सिंगर दिया घोष और गायक पंकज अपनी सुरीली आवाज से समां बांध रहे थे। एक के बाद एक लोकप्रिय गीतों से माहौल संगीतमय हो चुका था, तभी मंच पर एक खास नजारा देखने को मिला। भाजपा के कद्दावर नेता अभिषेक भार्गव (दीपांशु) और नगरपालिका अध्यक्ष देवराज सोनी मंच पर पहुंचे और कलाकारों के साथ सुर से सुर मिलाया।
जैसे ही “तेरे जैसा यार कहां” और “ये दोस्ती हम नहीं छोड़ेंगे” के बोल गूंजे, पूरा मैदान तालियों की गड़गड़ाहट से भर उठा। मंच पर नेताओं और कलाकारों की जुगलबंदी ने न सिर्फ मनोरंजन किया, बल्कि दोस्ती और सौहार्द का खूबसूरत संदेश भी दिया। अभिषेक भार्गव की गायकी ने सभी को चौंका दिया। उनकी आवाज और आत्मविश्वास ने साबित कर दिया कि राजनीति के साथ-साथ संगीत से भी उनका गहरा नाता है। वहीं नगरपालिका अध्यक्ष देवराज सोनी की मौजूदगी ने मंच को और जीवंत बना दिया।
दर्शकों का उत्साह देखते ही बनता था। युवा वर्ग से लेकर बुजुर्गों तक, हर कोई इस यादगार पल का हिस्सा बनना चाहता था। गीत के दौरान हजारों मोबाइल फ्लैशलाइट जल उठीं, मानो पूरा पंडाल सितारों से सजा हो। यह दृश्य भावुक भी था और रोमांच से भरा भी। रहली महोत्सव की यह संध्या सिर्फ एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं रही, बल्कि दोस्ती, संगीत और सामाजिक सौहार्द का उत्सव बन गई। ‘ये दोस्ती’ की गूंज के साथ यह शाम लंबे समय तक लोगों की यादों में जिंदा रहेगी।