कैलाश खेर का शो रुका, बे का बू भीड़ ने फां दे बैरिकेड्स, मंच से बोले जानवरगीरी कर रहे आप
एमपी के ग्वालियर में तबला दिवस और ग्वालियर गौरव दिवस के अवसर पर आयोजित बॉलीवुड नाइट उस वक्त हंगामे में बदल गई, जब मशहूर गायक कैलाश खेर के लाइव कॉन्सर्ट में मौजूद भीड़ बेकाबू हो गई। मेला मैदान में 25 दिसंबर की शाम आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में हजारों की संख्या में दर्शक मौजूद थे, लेकिन उत्साह धीरे-धीरे अव्यवस्था में बदल गया। कैलाश खेर अपने सुपरहिट गीतों की प्रस्तुति दे रहे थे। जैसे ही उन्होंने मंच से दर्शकों से जुड़ने की कोशिश की और स्टेज व ऑडियंस के बीच की दूरी कम करने की बात कही, वैसे ही कुछ लोग बैरिकेड्स फांदकर मंच की ओर दौड़ पड़े। देखते ही देखते कई युवक सुरक्षा घेरा तोड़ते हुए स्टेज के बेहद करीब पहुंच गए।
हालात बिगड़ते देख कैलाश खेर को अपना गाना बीच में ही रोकना पड़ा। मंच से माइक पर नाराजगी जाहिर करते हुए उन्होंने कहा, “हमारे इक्विपमेंट के पास मत आइए, नहीं तो शो बंद करना पड़ेगा। हमने आपकी प्रशंसा की और आप जानवरगीरी कर रहे हैं।” उनका यह बयान सुनकर पंडाल में सन्नाटा छा गया। जब भीड़ नहीं मानी तो कैलाश खेर ने मंच से वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से हस्तक्षेप करने की अपील की। इसके बाद पुलिस हरकत में आई और स्टेज के सामने पहुंचकर भीड़ को पीछे हटाया। कुछ देर की मशक्कत के बाद हालात पर काबू पाया गया, तब जाकर कार्यक्रम दोबारा शुरू हो सका।
कार्यक्रम में सुरक्षा व्यवस्था मौजूद थी, लेकिन शुरुआती लापरवाही के चलते भीड़ का हौसला बढ़ता गया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे लोग एक-दूसरे को देखकर बैरिकेड्स फांदते चले गए। कैलाश खेर ने “तेरी दीवानी”, “अल्लाह के बंदे”, “बम-बम-बम लहरी” और “यूं ही चला चल राही” जैसे गीतों से समां बांधा, लेकिन अव्यवस्था के कारण शो कुछ देर बाधित रहा। यह आयोजन संस्कृति विभाग की स्वीकृति से व्यापार मेले के शुभारंभ पर आयोजित किया गया था। यह घटना एक बार फिर सवाल खड़े करती है कि बड़े सार्वजनिक आयोजनों में भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था कितनी अहम है। संगीत का जश्न तब ही सफल माना जाएगा, जब अनुशासन और सम्मान भी बना रहे।