सागर- खुरई मंडी में किसान और प्रबंधन आमने-सामने, कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर किसानों का धरना
सागर- खुरई मंडी में किसान और प्रबंधन आमने-सामने, कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर किसानों का धरन
सागर जिले के खुरई कृषि उपज मंडी एक बार फिर किसान आक्रोश का केंद्र बन गई, जहां भावांतर योजना के तहत पुराने सोयाबीन की तुलाई को लेकर उपजे विवाद ने तूल पकड़ लिया। कुछ दिन पहले मंडी में भावांतर प्रभारी सहित अन्य कर्मचारियों और किसानों के बीच कहासुनी और विवाद हुआ था। इसी मामले में मंडी कर्मचारियों द्वारा शहरी थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराए जाने से किसान भड़क उठे। कार्रवाई से नाराज किसानों ने मंडी के मुख्य गेट पर बैठकर जोरदार धरना प्रदर्शन किया। भारतीय किसान संघ के बैनर तले बड़ी संख्या में किसान कृषि उपज मंडी पहुंचे और मंडी के मेन गेट पर धरने पर बैठ गए। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने मंडी में अनाज बेचने आने वाले वाहनों को अंदर प्रवेश नहीं करने दिया, जिससे मंडी की गतिविधियां पूरी तरह ठप हो गईं। किसानों के आक्रोश को देखते हुए मंडी परिसर में तनाव का माहौल बन गया।
धरना प्रदर्शन की सूचना मिलते ही मंडी सचिव अपने कर्मचारियों के साथ मौके पर पहुंचे। इस दौरान गुस्साए किसानों ने मंडी प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। किसानों का कहना था कि विवाद के दौरान सामने आए एक वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि मंडी का एक कर्मचारी किसान के साथ अभद्र व्यवहार कर रहा है, जो किसानों के सम्मान के खिलाफ है। किसानों ने साफ तौर पर मांग रखी कि जिन किसानों के खिलाफ शहरी थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है, उसे तत्काल वापस लिया जाए। साथ ही जिस कर्मचारी ने किसानों के साथ दुर्व्यवहार किया है, उसके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाए। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो सोमवार से मंडी को अनिश्चितकालीन रूप से बंद कर दिया जाएगा।
स्थिति को संभालते हुए मंडी सचिव ने किसानों से चर्चा की और आश्वासन दिया कि किसानों के खिलाफ दर्ज शिकायत को वापस लिया जाएगा और संबंधित कर्मचारी के खिलाफ भी उचित कार्रवाई की जाएगी। मंडी सचिव के इस भरोसे के बाद किसानों ने अपना धरना प्रदर्शन समाप्त किया। फिलहाल मंडी में स्थिति सामान्य हो गई है, लेकिन किसानों ने साफ कर दिया है कि यदि आश्वासन के अनुरूप कार्रवाई नहीं हुई, तो वे दोबारा आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेंगे।