Sagar - मंत्री बोले ताजमहल मंदिर था, शाहजहां ने बनाया मकबरा, बिहारियों पर टिप्पणी से भी मचा सियासी हलचल
मध्यप्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय एक बार फिर अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में आ गए हैं। बीना में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान विजयवर्गीय ने ताजमहल को लेकर ऐसा दावा किया, जिसने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है। मंत्री ने मंच से कहा कि ताजमहल मूल रूप से एक मंदिर था, जिसे मुगल शासक शाहजहां ने बाद में मकबरे में तब्दील कर दिया।
विजयवर्गीय ने अपने संबोधन में दावा किया कि शाहजहां की बेगम मुमताज को पहले मध्यप्रदेश के बुरहानपुर में दफनाया गया था। बाद में जिस स्थान पर मंदिर का निर्माण हो रहा था, उसी जगह शव को स्थानांतरित कर ताजमहल का निर्माण कराया गया। उन्होंने कहा कि इतिहास के कई तथ्य अभी भी सामने आने बाकी हैं और आने वाले समय में सच्चाई लोगों के सामने होगी।
यह बयान मंत्री विजयवर्गीय ने बीना में स्वर्गीय राकेश सिरोठिया की स्मृति में आयोजित क्रिकेट टूर्नामेंट के शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान दिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में खिलाड़ी, स्थानीय जनप्रतिनिधि और भाजपा कार्यकर्ता मौजूद थे। अपने भाषण के दौरान मंत्री ने इतिहास, राजनीति और समाज से जुड़े कई मुद्दों पर खुलकर विचार रखे।
इतना ही नहीं, विजयवर्गीय ने बिहार के लोगों को लेकर भी एक टिप्पणी की, जिसने राजनीतिक हलचल को और तेज कर दिया। उन्होंने कहा, “बिहार का आदमी विनम्र हो जाए, यह जरूरी नहीं, लेकिन हमारे राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नवीन नितिन विनम्रता के साथ आगे बढ़े हैं।” इस बयान को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
इसी मंच से मंत्री विजयवर्गीय ने बीना विधायक निर्मला सप्रे का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि विधायक सप्रे ने कांग्रेस से चुनाव लड़ा था, लेकिन अब वे भाजपा के साथ हैं। उनके इस बयान को आगामी राजनीतिक समीकरणों और दल-बदल की संभावनाओं से जोड़कर देखा जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने क्रिकेट टूर्नामेंट का औपचारिक शुभारंभ किया और खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया।
उन्होंने खिलाड़ियों को खेल भावना के साथ खेलने और अनुशासन बनाए रखने का संदेश दिया। स्वर्गीय राकेश सिरोठिया को याद करते हुए मंत्री ने कहा कि वे समाज को जोड़ने वाले और सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर व्यक्ति थे। विजयवर्गीय के बयानों ने एक बार फिर सियासी माहौल गरमा दिया है। अब देखना होगा कि उनके इन वक्तव्यों पर विपक्ष और समाज के विभिन्न वर्ग किस तरह