Sagar- चंदामऊ आगजनी मामले में मानव अधिकार आयोग का बड़ा खुलासा, पुलिस जांच पर उठे गंभीर सवाल
सागर जिले के नरयावली थाना अंतर्गत ग्राम चंदामऊ में हुई भीषण आगजनी की घटना ने अब नया मोड़ ले लिया है। इस मामले में मानव अधिकार आयोग ने स्वतः संज्ञान लेते हुए घटनास्थल पर जांच के लिए अपनी टीम भेजी। मौके के निरीक्षण के बाद मानव अधिकार टीम ने पुलिस जांच पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं और पूरे मामले में लीपापोती और सच्चाई दबाने के आरोप लगाए हैं। मानव अधिकार टीम ने बताया कि जांच के दौरान कई विरोधाभासी तथ्य सामने आए हैं।
नरयावली थाना प्रभारी द्वारा की गई जांच और जरूवाखेड़ा चौकी प्रभारी की जांच में अलग-अलग निष्कर्ष दर्ज किए गए हैं। जबकि घटनास्थल पर मौजूद ग्रामीणों ने टीम को बिल्कुल अलग कहानी बताई। पुलिस द्वारा आग लगने का कारण स्कूटी में पेट्रोल और बैटरी ब्लास्ट बताया गया था, लेकिन मानव अधिकार टीम का कहना है कि लंबे समय से खड़ी पुरानी स्कूटी से इतना बड़ा विस्फोट संभव नहीं है।
टीम ने यह भी सवाल उठाया कि जिस दीवार के पास स्कूटी खड़ी थी, वह सफेद रंग की थी, लेकिन उस पर आग के काले धब्बों के कोई स्पष्ट निशान नहीं मिले। इससे यह आशंका जताई जा रही है कि आग नीचे से नहीं बल्कि ऊपर से, योजनाबद्ध तरीके से लगाई गई। साथ ही ज्वलनशील पदार्थ के इस्तेमाल की भी संभावना जताई गई है।
जांच के दौरान मानव अधिकार टीम ने नरयावली थाना प्रभारी कपिल लक्ष्यकर से फहीम खान की गिरफ्तारी को लेकर सवाल किए, जिस पर उन्होंने गिरफ्तारी से इनकार किया। वहीं जरूवाखेड़ा चौकी प्रभारी अनिल कुजूर ने पहले फहीम खान को कस्टडी में बताया, फिर चौकी में होने की बात कही। मानव अधिकार टीम ने इन बयानों के वीडियो भी रिकॉर्ड किए। जब टीम पुलिस चौकी पहुंची, तो न एफआईआर दर्ज मिली, न डायरी में उल्लेख और न ही फहीम खान वहां मौजूद था। बाद में बताया गया कि बयान लेकर उसे छोड़ दिया गया है।
मानव अधिकार आयोग ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि यह घटना एक साजिश के तहत की गई आगजनी प्रतीत होती है और पुलिस मामले को दबाने की कोशिश कर रही है। आयोग ने इस प्रकरण में बड़ी कार्रवाई के संकेत दिए हैं। उल्लेखनीय है कि 4 दिसंबर की रात हुई इस आगजनी में दो मासूम बच्चों की इलाज के दौरान मौत हो चुकी है, जबकि एक बेटी अब भी अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रही है। पीड़िता ने अपने बयान में गांव के ही एक व्यक्ति पर आग लगाने का आरोप लगाया है। फिलहाल पूरा मामला जांच के दायरे में है और आगे की कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं।