सागर- जहां पहुंचते ही पूरी होती है मनोकामना, मड़खेड़ा धाम के दिव्य दरबार में उमड़ती है आस्था की भीड़
भारत को मंदिरों और देवभूमि का देश कहा जाता है, जहां आस्था और विश्वास की जड़ें सदियों से गहराई तक जुड़ी हैं। देशभर में अनेक ऐसे मंदिर हैं, जिनकी ख्याति न केवल भारत बल्कि विदेशों तक फैली हुई है। इन्हीं में से एक अद्भुत और चमत्कारी स्थल मध्यप्रदेश के सागर जिले के राहतगढ़ ब्लॉक में स्थित मड़खेड़ा धाम का श्री सिद्ध हनुमान मंदिर है। कहा जाता है कि यहां केवल पहुंचने मात्र से ही श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं।
सागर जिले से लगभग 13 किलोमीटर दूर विदिशा रोड पर स्थित मीरखेड़ी गांव का मड़खेड़ा धाम श्रद्धा और चमत्कारों के लिए जाना जाता है। यहां विराजमान श्री सिद्ध हनुमान जी को कलयुग के चमत्कारी देवता के रूप में पूजा जाता है। मान्यता है कि सच्चे मन, पूर्ण श्रद्धा और अटूट विश्वास के साथ जो भी भक्त यहां आता है, उसकी हर मनोकामना पूरी होती है। इसी विश्वास के चलते हर मंगलवार को यहां दिव्य दरबार का आयोजन किया जाता है, जिसमें दूर-दूर से श्रद्धालु अपनी समस्याएं लेकर पहुंचते हैं।
यह दिव्य दरबार पंडित पवन पाराशर द्वारा हनुमान जी की कृपा और सिद्ध संत मौनी बाबा की प्रेरणा से लगाया जाता है। दरबार के दौरान भक्त अपनी पीड़ा, रोग, संकट और पारिवारिक समस्याओं को हनुमान जी के चरणों में अर्पित करते हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि यहां आकर उन्हें मानसिक शांति के साथ-साथ जीवन की कठिनाइयों से भी मुक्ति मिलती है। दिव्य दरबार में आने वाले सेमरा गांव निवासी मोहन ने बताया कि कुछ समय पहले उन्हें लकवा मार गया था, जिससे वे चलने-फिरने में असमर्थ हो गए थे। चिकित्सकीय उपचार के बाद भी कोई खास लाभ नहीं मिला। इसके बाद वे मड़खेड़ा धाम के दिव्य दरबार में पहुंचे।
प्रारंभ में वे लकड़ी के सहारे चल पाए और अब बिना किसी सहारे के चलने लगे हैं। मोहन का कहना है कि यह सब श्री सिद्ध हनुमान जी की कृपा से संभव हुआ है। यहां ऐसा कोई एक चमत्कार नहीं, बल्कि सैकड़ों ऐसे उदाहरण हैं, जिन्हें देखकर श्रद्धालुओं का विश्वास और भी मजबूत हो जाता है। मड़खेड़ा धाम आज आस्था, विश्वास और चमत्कारों का जीवंत केंद्र बन चुका है, जहां हर मंगलवार श्रद्धा का सैलाब उमड़ पड़ता है।